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हेल्थ की बात: 70% शहरी लोगों को नहीं मिल पा रहा पर्याप्त प्रोटीन, कहीं आप भी तो नहीं हैं उनमें से एक?

Sun, 18 Oct 2026 07:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Protein Deficiency In India: प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, ऊतकों की मरम्मत और सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। भोजन में दाल, दूध-दही, सोया, चना और अन्य प्रोटीन स्रोत कम होने से जरूरत पूरी नहीं हो पाती। संतुलित आहार, डाइट में विविध खाद्य पदार्थ प्रोटीन की कमी से बचा जा सकते हैं।
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प्रोटीन की कमी - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए खानपान को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपना डाइट ऐसा रखना चाहिए जिससे शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। हमें रोजाना प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत करने, एंजाइम और हार्मोन बनाने के साथ इम्युनिटी को ठीक रखने के लिए भी जरूरी है। हालांकि चिंता की बात ये है कि बड़ी संख्या में भारतीयों को डाइट से पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की पूर्ति नहीं हो पा रही है।

इंडियन मार्केट रिसर्च ब्यूरो के साल 2017 के एक अध्ययन में पाया गया कि शहरी भारतीयों में से 70-80% लोगों को रोजाना जरूरत के हिसाब से प्रोटीन नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह साल 2020 के एक सर्वे में पता चला कि 93% लोगों को ये भी नहीं पता है कि उन्हें रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत है?

आइए जानते हैं कि लोगों में प्रोटीन की कमी क्यों बढ़ती जा रही है और इसकी कमी कैसे पूरी की जा सकती है?
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प्रोटीन सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Adobe Stock
डाइट में प्रोटीन की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर भारतीय लोगों की डाइट में रोटी, चावल और दूसरे अनाज की मात्रा अधिक होती है, जबकि प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ कम होते हैं।
 
  • कुछ लोग मानते हैं कि प्रोटीन सिर्फ जिम जाने वालों के लिए जरूरी है, जबकि इसकी आवश्यकता हर व्यक्ति को होती है। 
  • इसके अलावा, आर्थिक परेशानियों के कारण कुछ परिवार दूध, पनीर, अंडे और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ नियमित रूप से नहीं ले पाते। इस वजह से भी कई लोगों में प्रोटीन की कमी का खतरा देखा जा रहा है। 
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
प्रोटीन की कमी से क्या समस्याएं होती हैं?

अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की डाइट में लंबे समय तक  प्रोटीन की कमी रहती है, उनमें मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मजबूती कम हो सकती है।
 
  • बच्चों में पोषण की कमी उनकी वृद्धि और विकास को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, शरीर के ऊतकों की मरम्मत के लिए प्रोटीन जरूरी होने के कारण घाव भरने में भी परेशानी हो सकती है। 

रोजाना कितना प्रोटीन चाहिए?

आईसीएमआर की साल 2020 की पोषण संबंधी सिफारिशों के अनुसार, वयस्कों के लिए प्रतिदिन प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.83 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है है। यानी 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को करीब 50 ग्राम प्रोटीन रोजाना चाहिए।
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प्रोटीन की पूर्ति कैसे करें - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन की कमी से कैसे बचें?

डाइट को ठीक रखकर आसानी से प्रोटीन की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। 
 
  • रोजाना के भोजन में मूंग, मसूर, चना, राजमा और अन्य दालें शामिल करें। दूध और दही के साथ सोया और टोफू भी प्रोटीन के अच्छे विकल्प हैं। 
  • जो लोग अंडे और मछली खाते हैं, उन्हें अपनी डाइट से आसानी से प्रोटीन मिल सकता है।
  • प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए अक्सर लोग प्रोटीन पाउडर लेना शुरू कर देते हैं, पर ये कई बार फायदे की जगह नुकसानदायक हो सकता है। प्रोटीन पाउडर के खतरों को जानने के लिए यहां क्लिक करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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