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Protein Deficiency: क्या प्रोटीन की कमी से भी हो सकता है बीमारियों का खतरा? इन जोखिमों के बारे में जानना जरूरी

Sun, 03 Mar 2024 08:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर में प्रोटीन की कमी - फोटो : istock
शरीर के फिटनेस और बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करते रहने की सलाह दी जाती है। दैनिक रूप से पौष्टिक आहार का सेवन करके आप शरीर के लिए जरूरी तत्वों की पूर्ति कर सकते हैं। प्रोटीन ऐसा ही एक अतिआवश्यक तत्व है जो न सिर्फ मांसपेशियों के निर्माण और इसकी मजबूती में सहायक है, साथ ही ये कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में लाभकारी हो सकता है। शाकाहारी और प्लांट बेस्ड कई चीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन की मौजूदगी होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  प्रोटीन हमारी मांसपेशियों, त्वचा, एंजाइम और हार्मोन का निर्माण खंड है और यह शरीर के सभी ऊतकों में भी आवश्यक भूमिका निभाता है। अगर आपके आहार में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है तो आप मांसपेशियों में दर्द-कमी, कमजोरी जैसी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कि प्रोटीन की कमी यदि लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके कारण आप कुछ गंभीर बीमारियों के भी शिकार हो सकते हैं?
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प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्या - फोटो : iStock
कितनी प्रोटीन है जरूरी?

अध्ययनकर्ता बताते हैं, वयस्कों को प्रतिदिन शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, जिस व्यक्ति का वजन 75 किलोग्राम है, उसे प्रतिदिन 60 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन की कमी की स्थिति में शरीर की संरचना में बदलाव होने लग जाता है। अगर इसमें सुधार नहीं होता है तो ये लिवर की बीमारी, हड्डियों की समस्या और बच्चों के विकास को भी प्रभावित कर सकती है। 
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बच्चों में प्रोटीन की कमी - फोटो : iStock
बच्चों का विकास हो सकता है प्रभावित

प्रोटीन न केवल मांसपेशियों-हड्डियों के निर्माण और मजबूती के लिए आवश्यक है, साथ ही ये शरीर के विकास को भी बढ़ावा देने के लिए जरूरी है। प्रोटीन की कमी या अपर्याप्तता बच्चों के लिए कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के साथ उनके सामान्य विकास को भी प्रभावित करने वालr हो सकतr है। प्रोटीन की कमी से बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी प्रभावित हो सकता है, आहार में इसकी मात्रा जरूर सुनिश्चित करें।

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संक्रामक रोग की समस्या - फोटो : iStock
संक्रमण और इसके गंभीर रूप लेने का खतरा

प्रोटीन की कमी का असर प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ सकता है। गंभीर स्थितियों में इसकी कमी के कारण संक्रमण का जोखिम और इसके गंभीर रूप लेने का भी खतरा हो सकता है। पशुओं पर किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि केवल 2% प्रोटीन वाले आहार की तुलना में 18% प्रोटीन लेने वाले वाले पशुओं में संक्रामक रोग होने का जोखिम अधिक होता है। 

महिलाओं पर किए गए एक छोटे अध्ययन से पता चला है कि नौ सप्ताह तक लो प्रोटीन वाला आहार लेने से उनकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया काफी कम हो गई।
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लिवर में फैट बढ़ने की दिक्कत - फोटो : iStock
फैटी लिवर का हो सकता है खतरा

शरीर में प्रोटीन की कमी होने का असर लिवर की सेहत को भी प्रभावित करने वाला हो सकता है। ये आपमें फैटी लिवर की समस्या का कारण बन सकती है। फैटी लिवर, यकृत में वसा जमने के कारण होने वाली बीमारी है। उपचार न होने की स्थिति में फैटी लीवर रोग लिवर में सूजन, सिरोसिस और गंभीर स्थितियों में लिवर फेलियर का भी खतरा बढ़ा देती है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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