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सावधान: 17-30 की उम्र में अगर बढ़ गया है बहुत अधिक वजन तो इस गंभीर रोग का हो सकता है खतरा, मौत का भी जोखिम

Sat, 20 May 2023 05:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
वजन बढ़ना मौजूदा समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है, इसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का प्रमुख कारण मानते आ रहे हैं। हृदय रोगों से लेकर डायबिटीज और जोड़ों की समस्याओं तक, अधिक वजन पूरे शरीर के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली मानी जाती है। वहीं अगर कम उम्र से ही आप मोटापे के शिकार हो गए हैं तो ये आपके लिए और भी बड़ी समस्याओं का कारण हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि 17-30 की आयु में अगर आपका वजन बढ़ गया है तो यह कई प्रकार की जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है, पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा इसमें सबसे प्रमुख है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को निरंतर अपने वजन को कंट्रोल में रखने का प्रयास करते रहना चाहिए। एक स्वीडिश अध्ययन के अनुसार, 30 वर्ष की आयु तक बहुत अधिक वजन वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के आक्रामक रूप लेने और इससे मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि प्रोस्टेट कैंसर, पुरुषों में होने वाला सबसे आम और घातक कैंसर है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।  
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प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को समझिए - फोटो : istock
वजन बढ़ने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा

यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी 2023 में प्रस्तुत ओबेसिटी एंड डिजीज डेवलपमेंट स्वीडन की स्टडी में शोधकर्ताओं ने इस जोखिम के बारे में जानकारी दी है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 258,477 पुरुषों के डेटा का विश्लेषण किया, जिनका 17 से 30 वर्ष की आयु के बीच वजन सामान्य से अधिक था। जिन पुरुषों ने प्रतिवर्ष 1 पाउंड (करीब 450 ग्राम) या इससे अधिक वजन बढ़ाया उनमें स्थिर वजन वाले लोगों की तुलना में, आक्रामक प्रोस्टेट कैंसर होने का जोखिम 10 फीसदी अधिक और प्रोस्टेट कैंसर के कारण मृत्य का खतरा 29 फीसदी अधिक पाया गया। 
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प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम जरूरी - फोटो : iStock
प्रोस्टेट कैंसर और मृत्यु का खतरा

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि 17-30 की आयु के बीच अगर आपका वजन पांच किलोग्राम या उससे अधिक बढ़ता है तो इससे आक्रामक प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम 13 फीसदी अधिक हो सकता है। आक्रामक प्रोस्टेट कैंसर का मतलब कैंसर कोशिकाओं का तेजी से बढ़ना और गंभीर रूप  लेने से है।

स्वीडन स्थित यूनिवर्सिटी में ट्रांसलेशनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता मारिसा डा सिल्वा ने कहती हैं, प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम के लिए युवा पुरुषों में वजन बढ़ने से रोकने के लिए उपाय करते रहना अनिवार्य है।
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वजन को करें कंट्रोल - फोटो : iStock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि मोटापा दो प्रकार से प्रोस्टेट कैंसर की समस्या को बढ़ाता है।

पहला- मोटापे को शारीरिक गतिविधियों में कमी से जोड़कर देखा जाता रहा है जो प्रोस्टेट कैंसर के लिए प्रमुख जोखिम कारक है।
दूसरा- मोटे पुरुषों में इंसुलिन का उच्च स्तर होता है, जो कार्सिनोजेनेसिस को बढ़ावा देने और एपोप्टोसिस को कम करने का कारण पाया गया है। ये कैमिकल शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि और कैंसर के खतरे को बढ़ाने का कारण बन सकता हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो सभी उम्र के लोगों को वजन को कंट्रोल में रखने पर ध्यान देते रहना चाहिए, पर 17-30 की आयु वाले लोगों को इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। अधिक वजन कई रोगों के जोखिमों का कारण बन सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Study finds weight gain early in life increases risk of prostate cancer death by 27%

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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