उम्र बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। आमतौर पर 50 की उम्र के बाद त्वचा पर इसका असर दिखने लगता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप अब बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि गड़बड़ होती दिनचर्या, खानपान की अशुद्धि के कारण लोगों में समय से पहले बुढ़ापा आने का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह समस्या तेजी से युवाओं में बढ़ रही है। इतना ही नहीं, कुछ बच्चे जन्म से ही तेजी से बूढ़े दिखने लगते हैं।
जहां पहले झुर्रियां, सफेद बाल और थकान 50 की उम्र के बाद दिखते थे, वहीं अब यह संकेत 20 या 30 की उम्र में ही नजर आने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव शरीर की कोशिकाएं समय के साथ खुद को रिपेयर करती हैं, लेकिन जब जीवनशैली असंतुलित हो जाती है तो यह प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इससे त्वचा, हड्डियां और मांसपेशियां जल्दी कमजोर होने लगती हैं।
यही कारण है कि आज कई युवा और बच्चे भी लगातार थकान, तनाव, बाल झड़ने, त्वचा ढीली पड़ने और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो बुढ़ापे के शुरुआती संकेत हैं।