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Health Tips: व्रत के बाद भारी भोजन करना क्यों है खतरनाक? डॉक्टर से जानें अगले तीन दिनों का 'रिकवरी डाइट प्लान'

Wed, 01 Oct 2025 03:15 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जो लोग नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखते हैं, उन्हें पारण करने के बाद कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगले कुछ दिनों तक अपनी डाइट में हल्का भोजन करना चाहिए। आइए इस लेख में व्रत के बाद अगले तीन दिनों के डाइट प्लान के बारे में जानते हैं।
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व्रत के बाद का डाइट प्लान - फोटो : Amar Ujala
Post-Vrat Diet Plan: शारदीय नवरात्रि का नौ दिवसीय पावन पर्व अब समापन की ओर है। नौ दिनों तक व्रत और साधना करने के बाद शरीर और मन में एक नई ऊर्जा और शुद्धि का अनुभव होता है। व्रत का पारण यानी व्रत खोलने का समय उत्सव और उल्लास का होता है, और अक्सर लोग इस खुशी में तुरंत अपने पसंदीदा तले-भुने भोजन, जैसे- पूड़ी, कचौड़ी और मिठाइयों का सेवन कर लेते हैं।

मगर यह एक बड़ी गलती साबित हो सकती है, जो आपकी नौ दिनों की तपस्या से मिले स्वास्थ्य लाभों पर पानी फेर सकती है। लंबे उपवास के बाद हमारा पाचन तंत्र बेहद संवेदनशील अवस्था में होता है और उसे अचानक भारी भोजन पचाने के लिए मजबूर करना, पेट में दर्द, गैस, एसिडिटी, और अपच जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।

व्रत को सही तरीके से खोलना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसे रखना। इसी विषय पर अधिक जानकारी और सही डाइट प्लान के लिए हमने कुशिनगर स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर रवि कुशवाहा से बात की, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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नवरात्रि व्रत 2025 - फोटो : Freepik
क्यों है भारी भोजन खतरनाक?
डॉक्टर कुशवाहा के अनुसार नौ दिनों तक फलाहार या हल्के भोजन पर रहने के कारण हमारे पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है और पाचक एंजाइमों का उत्पादन भी कम हो जाता है। ऐसे में जब हम अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या मीठा भोजन करते हैं, तो हमारा पेट उसे पचा नहीं पाता। यह पेट पर एक शॉक की तरह काम करता है, जिससे एसिडिटी, पेट में ऐंठन और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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पौष्टिक खानपान - फोटो : Adobe
पहला दिन: व्रत खोलने का सही तरीका
डॉक्टर कुशवाहा व्रत खोलने के लिए सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट करने की सलाह देते हैं। अपना व्रत एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पिएं। इसके आधे घंटे बाद नारियल पानी या किसी फल का जूस ले सकते हैं। खाने की शुरुआत के लिए केला या पपीता जैसा कोई नरम फल खाएं। पहले भोजन के तौर पर मूंग दाल की पतली खिचड़ी, दलिया या सब्जियों का सूप सबसे अच्छा विकल्प है। इस दिन रोटी, भारी सब्जी, तला-भुना या मीठा कुछ भी खाने से बचें।

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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
दूसरा दिन: डाइट में शामिल करें ये चीजें
व्रत के दूसरे दिन आप अपने आहार में धीरे-धीरे और चीजें शामिल कर सकते हैं। सुबह के नाश्ते में दलिया या पोहा लें। दोपहर के भोजन में आप एक या दो नरम रोटी, लौकी या तोरई जैसी सुपाच्य सब्जी और मूंग की दाल खा सकते हैं। दही और छाछ का सेवन भी पाचन के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। इस दिन भी भारी मसालेदार और बाहर के खाने से पूरी तरह परहेज करें।

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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
तीसरा दिन: सामान्य भोजन पर वापसी
तीसरे दिन तक आपका पाचन तंत्र काफी हद तक सामान्य हो जाता है। अब आप धीरे-धीरे सामान्य घर के बने भोजन पर लौट सकते हैं। अपनी डाइट में सलाद को जरूर शामिल करें। अभी भी बहुत ज्यादा मसालेदार, बाहर के तले-भुने खाने (जंक फूड), बहुत भारी मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें क्योंकि आपका शरीर अभी भी रिकवरी मोड में है।

सबसे महत्वपूर्ण है कि अपने शरीर के संकेतों को सुनें। भूख लगने पर ही खाएं और पेट को बहुत ज्यादा भरने की गलती न करें। दिनभर 2-3 लीटर पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। डॉक्टर कुशवाहा के अनुसार सही तरीके से किया गया पारण ही आपके व्रत को वास्तव में सफल और स्वास्थ्यवर्धक बनाता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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