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Long Covid: अब तक पोस्ट कोविड में देखे गए ऐसे अप्रत्याशित लक्षण, पैरों में होने वाली ये समस्या है सबसे नई

Thu, 17 Aug 2023 12:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड में होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण का जोखिम दुनियाभर में पिछले तीन साल से अधिक समय से बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दिनों यूके सहित कई अन्य देशों में नए वैरिएंट एरिस के कारण मामले बढ़े हैं। चूंकि भारत में भी इस वैरिएंट को देखा जा चुका है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। कोरोना के नए वैरिएंट्स के खतरों के बीच लॉन्ग कोविड भी बड़ा खतरा बना हुआ है।

लॉन्ग कोविड जिसे पोस्ट कोविड सिंड्रोम के रूप में भी जाना जाता है, यह संक्रमण से ठीक होने के बाद लंबे समय तक बने रहने वाली स्वास्थ्य समस्या है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कई लोगों में एक साल बाद तक भी लॉन्ग कोविड की समस्या बनी हुई देखी गई है। पोस्ट कोविड की समस्याओं को आमतौर पर हृदय, फेफड़ों, सांस की समस्या, स्वाद-गंध न आने जैसे लक्षणों के रूप में देखा जाता रहा है, पर इसके कई अप्रत्याशित लक्षण भी देखे गए हैं।

कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है, इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम गंभीर हो सकते हैं। आइए लॉन्ग कोविड के ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में जानते हैं।
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कोरोना में हार्ट की समस्या - फोटो : Pixabay
लॉन्ग कोविड के कारण होने वाली समस्याएं

हाल में किए गए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि लॉन्ग कोविड की स्थिति संपूर्ण शरीर के लिए दुष्प्रभावों वाली हो सकती है। कोरोना को श्वसन संक्रमण माना जाता रहा है, वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमण में फेफड़ों के ठीक होने के बाद भी हृदय, लिवर और किडनी जैसे अंग कोविड से प्रभावित हो सकते हैं। लॉन्ग कोविड के कारण गंध या स्वाद की समस्या, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या ब्रेन फॉग का भी जोखिम हफ्तों से लेकर एक साल तक बना रह सकता है। 
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लॉन्ग कोविड में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Pixabay
गंभीर बीमारी वाले लोगों में खतरा अधिक

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट से पता चलता है कि लॉन्ग कोविड आमतौर पर उन लोगों को प्रभावित करता है जो गंभीर कोविड के लक्षणों से पीड़ित रहे हैं। इसके अलावा अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या वाले लोग, बिना टीकाकरण वाले और जिन्हें मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (किडनी और मस्तिष्क जैसे अंगों में सूजन) की समस्या रही है उनमें पोस्ट कोविड सिंड्रोम की समस्या का खतरा अधिक हो सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि लॉन्ग कोविड का खतरा उन लोगों में भी हो सकता है, जो हल्के लक्षणों के शिकार रहे हैं।

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पैरों के नीला पड़ने की समस्या - फोटो : istock
पैरों का नीला पड़ना नई समस्या

लॉन्ग कोविड के हालिया जोखिमों को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि इसमें कुछ लोगों के पैर नीले हो सकते हैं। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड के कारण एक्रोसायनोसिस की समस्या देखी जा रही है, जिसमें खड़े होने पर रोगी के पैरों का रंग नीला पड़ जाता है।

लीड्स विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिवन द्वारा लिखित इस रिसर्च पेपर में बताया गया कि 33 वर्षीय व्यक्ति में पोस्ट कोविड सिंड्रोम के कारण एक्रोसायनोसिस विकसित हुआ। 
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लॉन्ग कोविड में होने वाली दिक्कतें - फोटो : iStock
कोविड के बाद विकसित हुए ये लक्षण

अध्ययन रिपोर्ट की जानकारियों के अनुसार खड़े होने के एक मिनट बाद रोगी के पैर लाल होने लगे और समय के साथ नीले पड़ गए। 10 मिनट के बाद पैरों में ये रंग बहुत अधिक स्पष्ट हो गया। हालांकि उसके बैठने के बाद पैर दोबारा से पुरानी स्थिति में आ गए। मरीज ने बताया कि उसके ये लक्षण कोविड-19 संक्रमण के बाद ही देखे गए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को कोविड और इसके लॉन्ग कोविड के खतरों को लेकर अलर्ट किया गया है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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