कोरोना वैश्विक स्तर पर गंभीर रोग का खतरा बढ़ाते हुए देखा जा रहा है, हाल ही में सामने आए नए वैरिएंट्स के कारण रोग की संक्रामकता दर और अस्पताल में भर्ती मरीजों का संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। नए वैरिएंट्स, ओमिक्रॉन का ही म्यूटेटेड वर्जन हैं, जिसके कारण गंभीर रोग का खतरा कम देखा जा रहा है, हालांकि जिस प्रकार से नए वैरिएंट्स की संक्रामकता दर और इसमें अतिरिक्त म्यूटेशन हैं इसके कारण तेजी से संक्रमण बढ़ने की आशंका अधिक हो सकती है।
कोरोना किस प्रकार से स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन रहा है, इसके कारण फिलहाल मृत्यु का जोखिम कितना है, इस बारे में शोधकर्ताओं ने एक हालिया अध्ययन में बड़ा दावा किया है। नेशनल क्लिनिकल रजिस्ट्री फॉर कोविड-19 (एनसीआरसी) द्वारा किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती करीब 6.5 फीसदी लोगों की एक साल के भीतर मौत हो गई।
यह अध्ययन कोरोना के बाद होने वाली जटिलताओं के बारे में लोगों को अलर्ट करता है।