Medically Reviewed By-
डॉ अवनीश कुंदन
श्वसन रोगों को विशेषज्ञ
(गुरुग्राम)
कोरोनावायरस, संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बना हुआ है। कोविड रिकवरी के बाद कई तरह के लक्षणों का अनुभव होना कोई नई बात नहीं है, इस तरह की समस्या को लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के तौर पर जाना जाता है। कई लोगों में इसके लक्षण कुछ दिनों से लेकर छह माह और एक साल तक भी बने रह सकते हैं। यही कारण है कि संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लोगों को सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लॉन्ग कोविड के कुछ लक्षण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं, ऐसे में लक्षणों को लेकर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
कोरोना के सबसे खतरनाक माने जा रहे डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण के कारण लोगों को सांस से संबंधित कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि पोस्ट कोविड सिंड्रोम में भी कुछ लोगों को सांस फूलने की दिक्कत हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संक्रमण से ठीक होने के बाद महीनों तक आपको सांस की दिक्कत हो रही है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से सलाह ले लें। यह फेफड़ों के खराब होने का संकेत हो सकती है, जो गंभीर स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती है।