बच्चों में ऑटिज्म विकार का खतरा
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मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर करें तो पता चलता है कि नवजात शिशु से लेकर वृद्ध जनों तक सभी लोगों के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।
कितने घंटे की नींद जरूरी?
नवजात शिशु (0-3 महीने) को 14-17 घंटे, शिशु (4-11 महीने) को 12-15 घंटे, एक-दो साल तक के बच्चों के लिए 11-14 घंटे, प्रीस्कूलर (3-5 साल) के बच्चों के लिए 10-13 घंटे, स्कूली बच्चों (6-13 साल) के लिए 9-11 घंटे और किशोरों (14-18 साल) की आयु वालों को रोजाना 8-10 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया में 1000 से अधिक मां और शिशुओं पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो बच्चे कम सोते हैं या जिनकी नींद की गुणवत्ता खराब होती है, उनमें ऑटिज्म विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। वहीं छह महीने तक के बच्चों को अगर पर्याप्त या रात में एक घंटे की अधिक नींद मिलती है तो आगे चलकर ऑटिज्म के जोखिमों को कम करने में ये सहायक हो सकता है।