दिल की बीमारियों के मामले हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। सबसे बड़ी चिंता इसके युवा और वयस्कों में बढ़ते मामलों को लेकर है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र में ही दिल की बीमारियों के कारण संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होने का जोखिम रहता है, इतना ही नही हृदय की बीमारियों के चलते क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
दिल सिर्फ खून पंप करने वाला अंग नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने का भी काम करता है। यही कारण है कि जब हमारा हृदय कमजोर होता है तो इसका असर शरीर के बाकी हिस्सों जैसे दिमाग, किडनी, फेफड़े और लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हृदय स्वास्थ्य पर ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
इसी से संबंधित एक अध्ययन की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि जिन लोगों को हार्ट की समस्या होती है, उन्हें भविष्य में दिमाग की बीमारियां होने का भी खतरा अधिक हो सकता है। आइए जानते हैं कि इन दोनों का आपस में क्या लिंक है?