फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत की बात: आंतों के गुड बैक्टीरिया शरीर पर कैसे डालते हैं असर, इसकी कमी से क्या होता है?

Thu, 29 Oct 2026 09:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया पाचन, पोषक तत्वों के अवशोषण और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके संतुलन में बदलाव होने पर गैस, कब्ज, थकान और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन
1 of 4
गुड बैक्टीरिया - फोटो : Amarujala.com/AI
हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं, पाचन ठीक तो सेहत ठीक। शरीर को स्वस्थ रखने में पाचन तंत्र की अहम भूमिका होती है और इसके सही तरीके से काम करने के लिए आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया जरूरी हैं। वैज्ञानिक भाषा में लाभकारी जीवित सूक्ष्मजीवों को प्रोबायोटिक्स कहा जाता है। ये पाचन को बेहतर बनाए रखने, पोषक तत्वों के अवशोषण और हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

स्वस्थ व्यक्ति की आंतों में अरबों सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं। इनका संतुलन बिगड़ने पर पाचन सहित शरीर की दूसरी प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने पर किस तरह के संकेत नजर आ सकते हैं? और इसे कैसे ठीक रखा जा सकता है?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों का संतुलन - फोटो : Freepik.com
गुड बैक्टीरिया और इसका संतुलन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों का संतुलन सिर्फ पाचन ही नहीं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी होता है। खानपान और जीवनशैली का इसपर सीधा असर पड़ सकता है। 
 
  • बार-बार एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल, जंक फूड का अधिक सेवन और लगातार तनाव में रहना इस संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अगर आंतों में गुड बैक्टीरिया कम हो जाएं और बैड बैक्टीरिया बढ़ जाएं तो इसका सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर हो सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
पाचन से जुड़ी समस्याएं
 
  • आंतों के सूक्ष्मजीव पाचन प्रक्रिया में मदद करते हैं। इनके संतुलन में बदलाव होने पर कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने, अपच या पेट में भारीपन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। आप कब्ज और डायरिया का शिकार हो सकते हैं। 

लगातार थकान की दिक्कत
 
  • आंत के बैक्टीरिया शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण करने में मदद करते हैं। जब बैक्टीरिया का संतुलन खराब होता है, तो पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी हो सकती है, जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी और लगातार थकावट महसूस होती है।

इम्युनिटी पर असर
 
  • आंतों में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में भी भूमिका निभाते हैं। इनके संतुलन में गड़बड़ी होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। आप बार-बार संक्रमण और दूसरी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
आंतों में गुड बैक्टीरिया कैसे बढ़ाएं?

आंतों को स्वस्थ रखने और गुड बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने के लिए खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है।
  • आहार में प्रोबायोटिक वाली चीजों को जरूर शामिल करें। दही और अन्य प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। 
  • डाइट में फाइबर वाली चीजों की मात्रा बढ़ाएं। फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स जरूर खाएं। 
  • ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
  • नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें