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Weakness & Fatigue: अक्सर रहते हैं थके-थके और सुस्त? कहीं पेट की गड़बड़ी तो नहीं है इसका कारण

Thu, 04 Jun 2026 08:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आपको भी अक्सर थकान और कमजोरी बनी रहती है? आखिर इसका कारण क्या है, कहीं ये आंतों में गड़बड़ी का संकेत तो नहीं है? जब आंतों की सेहत बिगड़ जाती है तो इससे शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हैं?
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थकान-कमजोरी की समस्या के कारण - फोटो : Amarujala.com/AI
रात में अच्छी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान-कमजोरी बनी रहती है? काम करने बैठते हैं तो दिमाग भारी लगने लगता है? कॉफी-चाय पीने के बाद भी वह ऊर्जा नहीं आती जिसकी जरूरत है। अगर आपको भी ये समस्याएं कुछ दिनों से परेशान कर रही हैं और आराम नहीं मिल रहा है तो इसे सिर्फ सामान्य कमजोरी मानकर अनदेखा करने की गलती न करें? कहीं इन समस्याओं का असली कारण आपके पेट या गट की गड़बड़ी तो नहीं है?

थकान-कमजोरी होने को कई बार नींद की कमी या तनाव का संकेत मान लिया जाता है। पर अगर ये समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाता है। कई बार खराब गट हेल्थ की वजह से भी ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं।  

गट हेल्थ  पर समय रहते ध्यान न देना या इलाज न कराना आपके लिए समस्याओं को और भी बढ़ा सकता है। धीरे-धीरे शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी बढ़ने लग जाती है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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आंतों में गड़बड़ी का सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
आंतों की समस्याएं और विटामिन बी-12 की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब आंतों की सेहत बिगड़ जाती है, तो शरीर भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता। धीरे-धीरे शरीर में इस विटामिन की कमी होने लगती है और इसका असर सीधे ऊर्जा, दिमाग और मांसपेशियों पर दिखने लगता है।
 
  • आंतों की गड़बड़ी से शरीर में विटामिन बी12 की कमी बढ़ने लग जाती है। भले ही आप पर्याप्त मात्रा में बी12 वाली चीजें क्यों न खा रहे हों?
  • पेट से जुड़ी अंदरूनी समस्याओं की वजह से आपका शरीर इसे ठीक तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता है और शरीर में विटामिन बी-12 की कमी बढ़ जाती है।
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विटामिन बी-12 की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
विटामिन बी12 का क्यों नहीं हो पाता अवशोषण?

गट हेल्थ किस तरह से विटामिन बी-12 के स्तर को प्रभावित करते हैं, इसे समझने के लिए दो चीजों पर ध्यान देना होगा। पोषक तत्वों का अवशोषण और माइक्रोबियल की सेहत। विटामिन बी12 को ठीक तरीके से अवशोषित करने के लिए स्वस्थ पाचन तंत्र कई तरह की प्रक्रियाएं करता है।
 
  • क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार भोजन में मौजूद प्रोटीन से बी12 को अलग करने के लिए पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनाना जरूरी है। क्रोनिक गैस्ट्राइटिस जैसी बीमारियां एसिड बनने की प्रक्रिया को कम कर सकती हैं।
  • पेट की अंदरूनी परत एक प्रोटीन बनाती है जिसे इंट्रिंसिक फैक्टर कहा जाता है। इस प्रोटीन का बी12 से जुड़ना जरूरी है, ताकि छोटी आंत इसे अवशोषित कर सके। 
  • परनीशियस एनीमिया जैसे ऑटोइम्यून विकार उन कोशिकाओं पर अटैक करते हैं जो  इंट्रिंसिक फैक्टर बनाती हैं। इससे शरीर में विटामिन-बी12 के अवशोषण की प्रक्रिया रुक जाती है। 

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पेट की समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe stock
माइक्रोबायोम में गड़बड़ी के नुकसान

अध्ययनों से से पता चलता है कि पेट के माइक्रोबायोम में गड़बड़ी (डिसबायोसिस) सीधे तौर पर बी12 की कमी का कारण बन सकती है। छोटी आंत में बैक्टीरिया के ज्यादा बढ़ने जैसी स्थितियों में समस्या और भी बढ़ सकती है।

ये बैक्टीरिया भोजन से मिलने वाले बी12 के लिए आपके शरीर से मुकाबला करने लगते हैं, और आपके शरीर में अवशोषण से पहले खुद ही इसका इस्तेमाल कर लेते हैं। पेट की गड़बड़ी और बी12 की कमी के कई लक्षण एक जैसे होते हैं, जिनमें लगातार थकान, ऊर्जा की कमी और पाचन संबंधी परेशानियां शामिल हैं।

अगर आपको लगता है कि आपको बी12 की कमी है, तो खून की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
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गट में गड़बड़ी का सेहत पर खतरा - फोटो : Freepik.com
गट हेल्थ को कैसे सुधारें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गट हेल्थ को सुधारने और बी12 के अवशोषण को बढ़ाने के लिए जीवनशैली और आहार दोनों में बदलाव करना जरूरी है। 
 
  • आहार में प्रोबायोटिक और फाइबर युक्त भोजन शामिल करिए।
  • दही, छाछ, फर्मेंटेड फूड और हरी सब्जियां अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं जो पाचन सुधारते हैं।
  • इसके अलावा, प्रोटीन युक्त आहार जैसे अंडा, मछली और डेयरी उत्पाद बी12 को बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं।  
  • तनाव कम करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि स्ट्रेस गट हेल्थ को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। 
  • अगर लगातार 2-3 हफ्तों से थकान, कमजोरी, चक्कर या ध्यान केंद्रित करने जैसी समस्या बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर से मिलें।


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स्रोत:
Vitamin B-12 and the Gastrointestinal Microbiome: A Systematic Review


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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