गर्मी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से सेहत का खतरा
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गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत
मुंबई स्थित एक अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. दिव्या गोपाल कहती हैं, इस मौसम में खूब पानी पीते रहना तो बहुत जरूरी है ही, पर हीटस्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए सिर्फ पानी ही काफी नहीं, बल्कि सही तरह के इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत होती है। जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और पसीना अधिक आता है, तो सिर्फ पानी पीना शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट रखने के लिए काफी नहीं होता।
- ज्यादा पसीना आने से शरीर से जरूरी मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम भी निकल जाते हैं।
- ये सभी इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। मांसपेशियों और नसों के सही काम करने में इनकी भूमिका होती है।
- इतना ही नहीं ये मिनरल्स शरीर में पानी का संतुलन भी बनाए रखते हैं। ऐसे में इनकी कमी डिहाइड्रेशन के साथ कई अन्य दिक्कतें बढ़ा देती है।
डॉ. दिव्या कहती हैं, अगर कोई व्यक्ति ज्यादा पसीना आने के बाद सिर्फ पानी पीता है, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा पूरी नहीं हो पाती। इससे थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द, चक्कर आना और लगातार प्यास लगने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
तेज गर्मी और ज्यादा पसीना आने की स्थिति में ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), नींबू पानी में थोड़ा नमक डालकर पीना, नारियल पानी, छाछ और संतुलित भोजन जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।