स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ते टीबी के केस
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अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययनों से संकेत मिलता है कि स्वास्थ्य सेवा कर्मियों में टीबी के मामलों की दर सामान्य आबादी की तुलना में तीन गुना अधिक है। सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के निदेशक और प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि भारत में स्वास्थ्य कर्मियों के बीच टीबी पर व्यापक दर काफी चिंताजनक है।
साल 2004 से 2023 के बीच दस अध्ययनों की समीक्षा की गई। इसमें प्रयोगशाला तकनीशियनों (प्रति 100,000 में 6,468.31 मामले), डॉक्टरों (प्रति 100,000 में 2,006.18) और नर्सों (प्रति 100,000 में 2,726.83) के बीच विशेष रूप से टीबी की उच्च दर का पता चलता है।