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Cardiac Arrest: पेपरफ्राई के को-फाउंडर की कार्डियक अरेस्ट से मौत, सावधान- सोते-सोते भी जा सकती है जान

Tue, 08 Aug 2023 01:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेपरफ्राई कंपनी के को-फाउंडर अंबरीश मूर्ति - फोटो : Twitter
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक पेपरफ्राई कंपनी के को-फाउंडर अंबरीश मूर्ति की लेह में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, वह 44 साल के थे। कम उम्र में हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत के मामले लंबे समय से बड़ी चिंता का विषय रहे हैं। कोरोना के बाद से इसका जोखिम और भी अधिक देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोगों का खतरा किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी देखी जा रही है इसने जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है।

कार्डियक अरेस्ट, हृदय रोगों की गंभीर समस्या मानी जाती है, हार्ट अटैक की तुलना में इससे मृत्यु का खतरा भी अधिक होता है। कार्डियक अरेस्ट, तब होता है जब आपका दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। अगर समय पर इसकी पहचान और रोगी को आपातकालीन उपचार न मिल पाए तो इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
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कार्डियक अरेस्ट की समस्या - फोटो : istock
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समस्या मान लिया जाता है, पर ये दोनों अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक (दिल का दौरा) तब होता है जब कोरोनरी आर्टरी अवरुद्ध हो जाती है। इसके कारण हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। कोशिकाओं को  पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने की स्थिति में इनमें क्षति होने का खतरा हो सकता है।

वहीं कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब किसी व्यक्ति का हृदय उसके शरीर में रक्त पंप करना ही बंद कर देता है।
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कार्डियक अरेस्ट की समस्या - फोटो : istock
सोते-सोते भी हो सकता है कार्डियक अरेस्ट

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले देखे जा रहे हैं। नींद में सडेन कार्डियक अरेस्ट (एससीए) के जोखिमों को लेकर भी सावधानी बरतते रहना चाहिए। इसके कई कारण हैं जिसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है। कुछ आनुवंशिक स्थितियां जैसे लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम, ब्रुगाडा सिंड्रोम और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी आपमें सडेन कार्डियक अरेस्ट के खतरे को बढ़ा सकती है।

संरचनात्मक हृदय असामान्यताओं, जन्मजात हृदय दोष या हृदय की विद्युत प्रणाली बाधित होने के कारण भी इसका जोखिम हो सकता है। 

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कार्डियक अरेस्ट हो सकती है गंभीर - फोटो : Pixabay
कैसे करें कार्डियक अरेस्ट की पहचान?

सडेन कार्डियक अरेस्ट के लक्षण बहुत तेजी से विकसित होते हैं और गंभीर हो सकते हैं। इसमें अचानक बेहोश होने, नाड़ी न चलने, सांस न आने या होश खो देने की समस्या हो सकती है। कभी-कभी सडेन कार्डियक अरेस्ट से पहले अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, जिसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। इन स्थितियों में  सीने में बेचैनी, सांस लेने में कठिनाई होने, दिल के तेजी से धड़कने की समस्या हो सकती है।
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हृदय को रखें स्वस्थ - फोटो : iStock
कार्डियक अरेस्ट से बचाव के लिए क्या करें?

हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय करके अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट को रोकने में मदद मिल सकती है। इसके लिए लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखना भी आवश्यक माना जाता है। 
  • स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करें। 
  • नियमित रूप से हृदय की जांच कराएं।
  • धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन न करें।
  • रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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