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ये बीमारी भी किसी महामारी से कम नहीं, 2024 तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तैयार कर सकती है इसकी वैक्सीन

Thu, 10 Dec 2020 12:56 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भले ही कोरोना वायरस महामारी को सबसे बड़ी बीमारी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मलेरिया भी इस मामले में बिल्कुल कम नहीं? मलेरिया बीमारी से छुटकारा पाने के लिए साल 2024 तक इसकी वैक्सीन आ सकती है। ये दावा है ब्रिटेन के जानेमाने वैज्ञानिक एड्रियन हिल का। 'जेन इंस्टीट्यूट' के डायरेक्टर एड्रियन के अनुसार, मलेरिया की इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किया जा रहा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इन पर होगा ह्यूमन ट्रायल 
  • जाने माने वैज्ञानिक एड्रियन हिल की मानें तो, साल 2024 तक आखिरी ह्यूमन ट्रायल पूरा होने के बाद मलेरिया की वैक्सीन आ सकती है। इससे पहले अगले साल 4800 अफ्रीकी बच्चों पर इस वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया जाएगा। वहीं, इससे पहले जो क्लिनिकल ट्रायल किया गया था, उसके परिणाम काफी बेहतर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो मलेरिया की वैक्सीन काफी कारगार साबित होगी और इससे कई जाने बचाई जा सकेंगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इसलिए जरूरी है मलेरिया की वैक्सीन 
  • आपके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर मलेरिया की वैक्सीन की जरूरत क्या है, क्योंकि इस बीमारी से प्रभावित लोगों के बारे में तो कम ही सुनने में आता है, लेकिन आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल पूरे विश्व में मलेरिया से चार लाख से ज्यादा लोगों की मौत होती है। वहीं, बात अगर पिछले साल 2019 की करें तो उस साल मरने वालों की संख्या 4 लाख 9 हजार थी। इसके अलावा यूनिसेफ के मुताबिक, मलेरिया से विश्वभर में हर 30 सेकेंड में एक बच्चे की मौत हो रही है।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इन लोगों को है ज्यादा खतरा 
  • वैसे, तो मलेरिया जैसी बीमारी किसी को भी हो सकती है, क्योंकि ये मच्छरों के काटने से फैलती है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो, ये बीमारी उस क्षेत्र में ज्यादा फैलती है, जहां पर छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं होती हैं। इन लोगों में संक्रमण औरो के मुकाबले जल्दी फैलता है। इस बीमारी को लेकर प्रोफेसर एड्रियन का कहना है कि मलेरिया जैसी बीमारी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी है। वैसे, तो अभी कई तरह की दवाओं से मलेरिया से संक्रमित लोगों का इलाज किया जा रहा है। लेकिन जल्दी है हर साल जो मलेरिया से पांच लाख लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, उन्हें रोका जा सकेगा। साथ ही उनका ये भी कहना है कि अफ्रीका में इस साल कोरोना वायरस महामारी से ज्यादा मौतें मलेरिया से होंगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में क्या है स्थिति? 
  • मलेरिया को लेकर अगर भारत की बात करें, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2019 में जो रिपोर्ट जारी की थी, उसके मुताबिक भारत देश में मलेरिया के मामले घट रहे हैं, लेकिन यहां खतरा कम नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को अलर्ट रहना चाहिए और अपना बचाव करना चाहिए।  
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