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Alert: देश के इस राज्य में खतरनाक 'अफ्रीकी स्वाइन फीवर' का प्रकोप, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

Fri, 05 Sep 2025 04:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  •  हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों की टीम ने अरुणाचल में एक और खतरनाक रोग के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को सावधान किया है।
  • खबरों के मुताबिक पश्चिम सियांग जिले के कई हिस्सों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
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अफ्रीकी स्वाइन फीवर का प्रकोप (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
Outbreak Of African Swine Fever: पिछले दस वर्षों की तस्वीर उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। कोरोनावायरस का खतरा हो, बर्ड फ्लू या ब्लैक फंगस के मामले, इन सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारतीय आबादी पर भी इन बीमारियों का गंभीर रूप से असर देखा गया। 

इस साल मई-जून के महीनों में जहां कोरोना की एक हल्की लहर ने लोगों को डराया वहीं पिछले कुछ महीनों में केरल में ब्रेन ईटिंग अमीबा के रोगियों में बढ़ोतरी देखी गई है। ये सभी स्थितियां विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ाती रही हैं। ऐसे ही एक हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों की टीम ने अरुणाचल में एक और खतरनाक रोग के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को सावधान किया है। 

खबरों के मुताबिक पश्चिम सियांग जिले के कई हिस्सों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। इस रोग को लेकर अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सावधान करते हुए बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी है।
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वायरल रोग और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
अफ्रीकी स्वाइन फीवर को लेकर अलर्ट

एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के विभिन्न स्थानों से अफ्रीकी स्वाइन फीवर (एएसएफ) का प्रकोप सामने आया है। पश्चिम सियांग के जिला मजिस्ट्रेट लीयी बागरा ने गुरुवार को बताया कि बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के बाहर से सुअरों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

इसके अलावा प्रशासन ने सुअर का मांस बेचने वाले कसाईयों को पशु चिकित्सा अधिकारी से निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की भी चेतावनी दी गई है।

गौरतलब है कि अफ्रीकी स्वाइन फीवर (एएसएफ) वायरस के कारण होता है, सुअरों से इस रोग के प्रसार का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है। 
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जंगली सुअरों से फैलने वाली संक्रमण (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
अफ्रीकी स्वाइन फीवर के बारे में जानिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट कहती है, अफ्रीकी स्वाइन फीवर घरेलू और जंगली सुअरों में होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है, जिसकी मृत्यु दर 100% तक देखी जाती रही है। वैसे तो यह मानव स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा वाला नहीं है, लेकिन सुअरों की आबादी और कृषि अर्थव्यवस्था पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।

यह वायरस पर्यावरण में अत्यधिक प्रतिरोधी है, जिसका अर्थ है कि यह कपड़ों, जूतों, पहियों और अन्य सामग्रियों पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है। सुअर के मांस के सेवन से इससे इंसानों में रोग फैलने का जोखिम रहता है।

इंसानों को कितना खतरा?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एएसएफ मानव स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं है तथा सुअरों या सुअर के मांस से बने उत्पादों से मनुष्यों में इस रोग के संक्रमण का भी कोई प्रमाण नहीं है।

यह एक गंभीर और बेहद संक्रामक बीमारी जरूर है लेकिन केवल सुअरों को प्रभावित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी तरह से पका हुआ सुअर का मांस मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है, लेकिन इंसान अनजाने में दूषित कपड़ों, उपकरणों या वाहनों पर वायरस फैला सकते हैं, जिससे सुअरों को संक्रमण हो सकता है। इसका मतलब है कि इंसान इस वायरस के संक्रमण का माध्यम भर हो सकते हैं, उन्हें इससे खतरा नहीं होता है। 


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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