Organ Donation Week 2026: अंगदान को जीवनदान कहा जाता है, क्योंकि एक डोनर के अंग कई गंभीर मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकते हैं। ब्रेन-स्टेम डेथ के बाद एक उपयुक्त डोनर से कई अंग दान किए जा सकते हैं। एक उपयुक्त ब्रेन-स्टेम डेड डोनर से कई महत्वपूर्ण अंगों का दान संभव है और कई टिश्यू भी दूसरे मरीजों के इलाज में काम आ सकते हैं।
हालांकि, हर डोनर के सभी अंग ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। मेडिकल जांच के बाद ही तय किया जाता है कि कौन-सा अंग दान किया जा सकता है। ऐसे में अंगदान सप्ताह के मौके पर जानते हैं कि एक डोनर से कौन-कौन से अंग दान किए जा सकते हैं और हार्ट, लिवर व किडनी का क्या महत्व है।
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एक डोनर कितनी जिंदगी बचा सकता है?
- फोटो : AI
एक डोनर कितनी जिंदगी बचा सकता है?
ब्रेन-स्टेम डेथ वाले एक उपयुक्त डोनर से हार्ट, दो फेफड़े, लिवर, दो किडनी, पैंक्रियाज और छोटी आंत जैसे महत्वपूर्ण अंग दान किए जा सकते हैं। इसके अलावा कॉर्निया, त्वचा, हड्डी, हार्ट वाल्व और अन्य टिश्यू भी दान किए जा सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर डोनर के सभी अंग ट्रांसप्लांट किए जाएंगे। डोनेशन की मेडिकल उपयुक्तता मृत्यु के समय की जाती है। अंगों की स्थिति, डोनर की बीमारी और अन्य मेडिकल मानकों के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि कौन-सा अंग ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है।
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हार्ट का क्या होता है?
हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट महत्वपूर्ण उपचार हो सकता है। डोनर का स्वस्थ हार्ट मिलने के बाद उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर ट्रांसप्लांट करना जरूरी होता है। इसलिए ऑर्गन डोनेशन में समय और मेडिकल टीम के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
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लिवर क्यों महत्वपूर्ण है?
लिवर शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण अंग है और गंभीर लिवर फेलियर की स्थिति में ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। मृत डोनर से पूरा लिवर दान किया जा सकता है। वहीं कुछ परिस्थितियों में जीवित व्यक्ति लिवर का एक हिस्सा भी दान कर सकता है। लिवर की खासियत यह है कि इसका बचा हुआ हिस्सा समय के साथ अपने आकार और कार्यक्षमता को काफी हद तक पुनर्स्थापित कर सकता है।
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किडनी का क्या है गणित?
किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीजों के लिए डोनेशन बेहद महत्वपूर्ण है। मृत डोनर से दोनों किडनी दान की जा सकती हैं। वहीं निर्धारित मेडिकल और कानूनी मानदंडों को पूरा करने वाला जीवित डोनर एक किडनी दान कर सकता है। एक स्वस्थ किडनी के साथ व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन जीवित किडनी डोनेशन से पहले डोनर की पूरी मेडिकल जांच की जाती है।
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- फोटो : Adobe Stock
अंगदान से जुड़े जरूरी तथ्य
अंगदान के लिए मेडिकल उपयुक्तता सबसे महत्वपूर्ण होती है। भारत में अंग और टिश्यू डोनेशन तथा ट्रांसप्लांटेशन निर्धारित कानूनी और मेडिकल प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है। अंगदान का फैसला व्यक्तिगत और स्वैच्छिक होना चाहिए। अंगदान की प्रक्रिया, पात्रता और सहमति से जुड़ी सही जानकारी के लिए डॉक्टर या अधिकृत स्वास्थ्य संस्थान से जानकारी लेना बेहतर है। --------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।