शरीर को फिट और स्वस्थ बनाए रखने के लिए वजन का नियंत्रित रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही कई सारी बीमारियों के लिए मोटापा को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर देखा जा रहा है। वैसे तो पुरुष और महिला, दोनों के लिए मोटापे की समस्या काफी जटिलताओं भरी हो सकती है, हालांकि महिलाओं में यह समस्या अधिक परेशानियों का कारण बन सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि सामान्य से अधिक वजन होना हृदय रोग, डायबिटीज और गठिया जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है, वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इन समस्याओं का खतरा अधिक देखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार संबंधी गड़बड़ी और कम होती शारीरिक गतिविधियों के कारण समय के साथ पुरुष और महिला दोनों में वजन बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। अधिक वजन का स्वास्थ्य के लगभग हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। महिलाओं में यह प्रजनन और प्लोमोनरी फंक्शन को भी प्रभावित कर सकती है। इतनी ही नहीं अधिक वजन होने के कारण मधुमेह, हृदय रोग, स्तन कैंसर, पीओएस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ सभी लोगों को वजन को नियंत्रित रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि वजन अधिक होने से महिलाओं में किस तरह की समस्याओं का जोखिम अधिक हो जाता है?