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विशेषज्ञों ने किया सचेत: महिलाओं में बढ़ता मोटापा हो सकता है खतरनाक, इन स्वास्थ्य जटिलताओं का बढ़ जाता है खतरा

Thu, 17 Nov 2022 07:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
शरीर को फिट और स्वस्थ बनाए रखने के लिए वजन का नियंत्रित रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही कई सारी बीमारियों के लिए मोटापा को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर देखा जा रहा है। वैसे तो पुरुष और महिला, दोनों के लिए मोटापे की समस्या काफी जटिलताओं भरी हो सकती है, हालांकि महिलाओं में यह समस्या अधिक परेशानियों का कारण बन सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि सामान्य से अधिक वजन होना हृदय रोग, डायबिटीज और गठिया जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है, वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इन समस्याओं का खतरा अधिक देखा गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार संबंधी गड़बड़ी और कम होती शारीरिक गतिविधियों के कारण समय के साथ पुरुष और महिला दोनों में वजन बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। अधिक वजन का स्वास्थ्य के लगभग हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। महिलाओं में यह प्रजनन और प्लोमोनरी फंक्शन को भी प्रभावित कर सकती है। इतनी ही नहीं अधिक वजन होने के कारण मधुमेह, हृदय रोग, स्तन कैंसर, पीओएस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ सभी लोगों को वजन को नियंत्रित रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि वजन अधिक होने से महिलाओं में किस तरह की समस्याओं का जोखिम अधिक हो जाता है?
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महिलाओं की स्वास्थ्य समस्या - फोटो : istock
पीसीओएस का बढ़ जाता है खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन महिलाओं का वजन अधिक होता है उनमें अन्य महिलाओं की तुलना में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) होने का खतरा अधिक होता है। मोटापा के कारण महिलाओं में प्रजनन संबंधी हार्मोन की असमानताओं के कारण यह समस्या होती है। पीसीओएस के कारण मासिक धर्म की असमानता, मुंहासे, शरीर में बाल अधिक होने और कुछ स्थितियों में प्रजनन की दिक्कतें भी हो सकती हैं।
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आर्थराइटिस की समस्या और इससे बचाव - फोटो : istock
महिलाओं में गठिया की समस्या

मेनोपॉज के बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण महिलाओं में पुरुषों की तुलना में गठिया की समस्या का जोखिम अधिक होता है, वहीं अगर आप मोटापे की शिकार हैं तो इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। मोटापा बढ़ने के कारण आपके घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस विकसित होने की आशंका बढ़ जाती है। यही कारण है कि महिलाओं को वजन को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

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हृदय रोग के जोखिमों के बारे में जानिए - फोटो : pixabay
हृदय रोगों का जोखिम

अगर आपका वजन सामान्य से अधिक है तो आपमें हृदय रोग (कोरोनरी आर्टरी डिजीज और स्ट्रोक) होने का खतरा अधिक हो सकता है। वजन अधिक होने कारण ब्लड लिपिड, विशेष रूप से हाई ट्राइग्लिसराइड्स, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ जाती है। ये स्थितियां हृदय रोगों का प्रमुख जोखिम कारक मानी जाती है। वजन को नियंत्रित रखना हृदय रोगों से बचाव के लिए बहुत आवश्यक है।
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वजन कम करने के उपाय - फोटो : iStock
वजन को कैसे कंट्रोल करें?

वजन को नियंत्रित रखने के लिए लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। वजन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वस्थ आहार का पालन करना, पर्याप्त व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित करना बहुत आवश्यक माना जाता है। विशेषकर जंक फूड्स, मीठे पेय या सोडा और मीठी चीजों का सेवन कम करना चाहिए। दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करके वजन को कंट्रोल करना आसान हो जाता है। 



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स्रोत और संदर्भ
Overweight and obesity in women: health risks and consequences

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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