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Obesity: बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या हो सकती है 'घातक', इसे कंट्रोल करने के लिए करें ये तीन सुधार

Sat, 26 Aug 2023 02:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में मोटापे की समस्या - फोटो : iStock
मोटापा किसी भी उम्र में हो, इसे सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाला माना जाता है। अधिक वजन की स्थिति कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों को भी बढ़ा सकती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शरीर के वजन को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों में बढ़ते मोटापे के जोखिमों को लेकर चिंता जताते हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स में इसे महामारी के रूप में भी वर्णित किया गया है। जंक फूड्स का अधिक सेवन, पौष्टिक आहार न लेना, उचित नींद की कमी और गतिहीन जीवनशैली के कारण बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। 

डॉक्टर कहते हैं, बच्चों में अगर बढ़ते मोटापे की समस्या को कंट्रोल न किया गया तो भविष्य में यह कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों का कारण बन सकती है। यही कारण है कि कम उम्र में ही लोग डायबिटीज, हृदय रोग और लिवर से संबंधित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, जिसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी देखे जाते रहे हैं। अगर आपके बच्चे को भी मोटापे की समस्या है तो इसे कंट्रोल करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए, आइए जानते हैं कि डॉक्टर्स इसके लिए क्या सलाह देते हैं?
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मोटापे के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay
बच्चों की लाइफस्टाइल पर दें गंभीरता से ध्यान

अमर उजाला से बातचीत में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ रुचिरा सेठ कहती हैं, अधिक वजन की समस्या होना वैसे तो सभी उम्र वाले लोगों के लिए खतरनाक है, पर बच्चों में इस स्थिति के गंभीर दुष्प्रभाव होने का खतरा अधिक हो सकता है। कम उम्र में ही यह क्रोनिक बीमारियों का कारण बन सकती है जिससे क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

बढ़ते मोटापे की समस्या के लिए शारीरिक निष्क्रियता और आहार में जंक-फास्ट फूड्स की अधिकता प्रमुख कारण हो सकती है। सभी माता-पिता के लिए इसपर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
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जंक फूड्स के कारण बढ़ता मोटापा - फोटो : Pixabay
बच्चों का डाइट रखें संतुलित

डॉ रुचिरा कहती हैं, बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि उनके आहार को ठीक रखने पर ध्यान दिया जाए। जंक-फास्ट फूड्स न सिर्फ शरीर के वजन को बढ़ाते हैं साथ ही इसके कारण लिवर और पाचन स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। आहार में मौसमी फलों-सब्जियों को शामिल करने के साथ साबुत अनाज और लो फैट डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल किया जाना चाहिए। ये चीजें शरीर के लिए पोषण की जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मददगार हो सकती हैं।

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शारीरिक निष्क्रियता के जोखिम कारक - फोटो : iStock
आउटडोर खेलों की बनाएं आदत

बच्चों में मोटापा बढ़ने का एक कारण समय के साथ कम होता आउटडोर गेम्स का समय भी है। बच्चे अब बाहर खेलने की जगह मोबाइल और वीडियो गेम्स पर अधिक समय बिता रहे हैं, यह सीधे तौर पर शारीरिक निष्क्रियता को कम करती है। आउटडोर खेलों से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है और कैलोरी को भी कम किया जा सकता है, इसकी आदत बनाकर बच्चों के फिटनेस को ठीक रखा जा सकता है।
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बच्चों में बढ़ती नींद की समस्या - फोटो : iStock
स्लीप साइकिल बिगाड़ सकती है सेहत

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सोने-जागने के समय का भी सेहत पर विशेष प्रभाव पड़ता है, इसमें होने वाली गड़बड़ी भी अधिक वजन का कारण हो सकती है। मोबाइल और कई अन्य प्रकार के स्क्रीन्स पर बढ़ते समय के कारण बच्चों के स्लीप साइकिल पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। यह शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन का भी कारण बनती है जिसके कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के विकसित होने का खतरा रहता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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