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सेहत की बात: पेट तो भरता है, पर क्या शरीर को मिल रहा है पूरा पोषण? ये गलतियां बिगाड़ देंगी सेहत

Thu, 29 Oct 2026 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Diet Nutrition Deficiency: भारतीय थाली में पेट भरने के बावजूद प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट जैसे पोषक तत्व कम हो सकते हैं। असंतुलित भोजन और खाद्य पदार्थों में विविधता की कमी इसका कारण हो सकती है। जानिए रोज की थाली में क्या शामिल करें? 
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डाइट में पोषक तत्वों की मात्रा - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में सुधार करना सबसे जरूरी है। कम उम्र से ही सभी लोगों को अपनी डाइट पर ध्यान देते रहना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, भारतीय आहार में ऐसी चीजें भरपूर मात्रा में होती हैं, जिनसे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सकती है।

भारतीय थाली में रोटी, चावल, दाल, सब्जी और सलाद जैसी चीजें बहुत आम है। देखने में यह भोजन आसानी से पेट भरने वाला और संतुलित लगता है, लेकिन क्या इससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल रहे होते हैं? कई बार पेट भरने के बावजूद भोजन में प्रोटीन, आयरन, विटामिन-बी12, फोलेट या दूसरे सूक्ष्म पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं होती। इसकी वजह भोजन की नहीं, बल्कि खाने में विविधता की कमी मानी जाती है।

कहीं आप भी तो इस समस्या से परेशान नहीं हैं?
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
संतुलित आहार सभी के लिए जरूरी

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आहार दिशानिर्देशों के मुताबिक सभी उम्र के लोगों के लिए संतुलित भोजन जरूरी है। इसमें अलग-अलग खाद्य समूहों, साबुत अनाज, दालों, सब्जियों और फलों को जरूर शामिल किया जाना चाहिए।
 
  • भोजन से पेट भर जाना इस बात की गारंटी नहीं कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और फाइबर भी मिल रहे हैं। 
  • अगर थाली में रोटी या चावल की मात्रा ज्यादा है, लेकिन दाल, सब्जियां, फल, दूध-दही या दूसरे प्रोटीन स्रोत कम हैं, तो लंबे समय तक डाइट में असंतुलन रह सकता है।
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प्रोटीन की जरूरत - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन की कमी का जोखिम

दाल, चना-राजमा, दूध-दही, अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, ऊतकों और कई जैविक प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है। अगर रोज के भोजन में इनकी मात्रा या विविधता कम है, तो प्रोटीन की जरूरत पूरी करना मुश्किल हो सकता है। शाकाहारी भोजन से भी पर्याप्त प्रोटीन लिया जा सकता है। इसके लिए दालों, फलियों, सोया, दूध-दही और दूसरे उपयुक्त स्रोतों को नियमित रूप से शामिल करना जरूरी है। 


आयरन और विटामिन बी12 पर भी दें ध्यान
 
आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिसमें थकान, कमजोरी और काम करने की क्षमता में कमी जैसी दिक्कतें होती हैं। महिलाओं में  इसका जोखिम अधिक हो सकता है।
 
  • विटामिन बी12 मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। पूरी तरह शाकाहारी या वीगन भोजन लेने वालों में इसकी कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
  • विटामिन बी12 की कमी याददाश्त से लेकर तंत्रिका तंत्र तक की समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों, दालों और दूसरे खाद्य पदार्थों से फोलेट मिलता है।
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पोषक तत्वों से भरपूर डाइट - फोटो : Adobe Stock
पोषक तत्वों से भरपूर थाली कैसी होनी चाहिए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थाली में रोजाना कोई एक ही चीज खाने की जगह, आहार में विविधता बहुत जरूरी है। भोजन में दाल, चना, राजमा या अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल करें।
 
  • अलग-अलग रंगों की सब्जियां और मौसमी फल खाएं।
  • अनाज में साबुत अनाज और मोटे अनाज की विविधता बढ़ाएं।
  • दूध-दही या जरूरत के अनुसार कैल्शियम वाली चीजें जरूर खाएं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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