लंबे समय तक बैठे रहने के बाद अचानक उठने की स्थिति में अक्सर पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने जैसा अनुभव हो सकता है। आमतौर पर बैठने पर रक्त संचार में आने वाले कमी के कारण इस तरह की दिक्कतें होती हैं, पर क्या आपको अक्सर ही इस तरह की समस्या बनी रहती है? अगर हां, तो सावधान हो जाएं यह तंत्रिकाओं में होने वाली गंभीर क्षति की स्थिति का संकेत हो सकती है। इतना ही नहीं इसे डायबिटीज की गंभीर समस्या-डायबिटिक न्यूरोपैथी या फिर किडनी फेलियर की तरफ इशारे के रूप में भी देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की दिक्कतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, इससे गंभीर समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
सामान्य स्थितियों में अपनी बांह के बल सो जाने या बहुत देर तक अपने पैरों को क्रॉस करके बैठने के कारण झुनझुनी या फिर सुन्नता का अनुभव हो सकता है। इस तरह की सनसनी को पेरेस्टेसिया के रूप जाना जाता है। हालांकि अक्सर बनी रहने वाली इस तरह की दिक्कत के कई अंतर्निहित कारण भी हो सकते हैं, जिनपर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
आइए जानते हैं कि किन गंभीर स्थितियों में पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने की समस्या हो सकती है? जिनपर शीघ्रता से ध्यान देना आवश्यक हो जाता है?