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Alert: हाथों-पैरों में अक्सर होती है झुनझुनी या सुन्न होने जैसी दिक्कत? इन गंभीर समस्याओं का हो सकता है संकेत

Fri, 30 Sep 2022 02:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाथों में झुनझुनी की समस्या - फोटो : istock
लंबे समय तक बैठे रहने के बाद अचानक उठने की स्थिति में अक्सर पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने जैसा अनुभव हो सकता है। आमतौर पर बैठने पर रक्त संचार में आने वाले कमी के कारण इस तरह की दिक्कतें होती हैं, पर क्या आपको अक्सर ही इस तरह की समस्या बनी रहती है? अगर हां, तो सावधान हो जाएं यह तंत्रिकाओं में होने वाली गंभीर क्षति की स्थिति का संकेत हो सकती है। इतना ही नहीं इसे डायबिटीज की गंभीर समस्या-डायबिटिक न्यूरोपैथी या फिर किडनी फेलियर की तरफ इशारे के रूप में भी देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की दिक्कतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, इससे गंभीर समस्याओं का जोखिम हो सकता है।

सामान्य स्थितियों में अपनी बांह के बल सो जाने या बहुत देर तक अपने पैरों को क्रॉस करके बैठने के कारण झुनझुनी या फिर सुन्नता का अनुभव हो सकता है।  इस तरह की सनसनी को पेरेस्टेसिया के रूप जाना जाता है। हालांकि अक्सर बनी रहने वाली इस तरह की दिक्कत के कई अंतर्निहित कारण भी हो सकते हैं, जिनपर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

आइए जानते हैं कि किन गंभीर स्थितियों में पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने की समस्या हो सकती है? जिनपर शीघ्रता से ध्यान देना आवश्यक हो जाता है?
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डायबिटिक न्यूरोपैथी की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : istock
डायबिटीज की गंभीर समस्या- डायबिटिक न्यूरोपैथी

हाथों-पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने की दिक्कत को डायबिटिक न्यूरोपैथी के संकेत के तौर पर भी देखा जाता है। डायबिटीज की इस गंभीर स्थिति में तंत्रिकाओं में क्षति हो जाती है। डॉक्टर्स बताते हैं मधुमेह की अनियंत्रित स्थिति के कारण तंत्रिकाओं में क्षति हो सकती है, जिसके कारण तंत्रिका तंत्र कमजोर होने लग जाती है। इस स्थिति में हाथों-पैरों में होने वाली झुनझुनी की दिक्कतों के अलावा  हृदय से संबंधित विकारों का भी खतरा रहता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी ब्लड शुगर लेवल के लगातार बढ़े रहने के कारण होती है। अगर आपको अक्सर झुनझुनी या सुन्न होने की दिक्कत महसूस होती है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
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कार्पल टन की समस्या में हाथों में झुनझुनी - फोटो : istock
कार्पल टनल डिजीज

हाथों में  झुनझुनी या सुन्न होने की दिक्कत को कार्पल टनल के भी एक संकेत के तौर पर जाना जाता है। यह समस्या कलाई से गुजरने वाली तंत्रिका के संकुचित हो जाने के कारण होती है। चोट लगने, बार-बार एक ही काम करने या सूजन के कारण यह दिक्कत हो सकती है। कार्पल टनल की समस्या में हाथ की उंगुलियों में सुन्नता या झुनझुनी महसूस होती रहती है, कुछ स्थितियों में पूरी बांह में भी यह दिक्कत महसूस हो सकती है। इसमें पैरों में दिक्कत नहीं होती है। 

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पैरों में सुन्न महसूस होते रहने की समस्या - फोटो : istock
किडनी फेलियर का हो सकता है संकेत

अक्सर हाथों-पैरों में  झुनझुनी या सुन्न होने की समस्या महसूस होते रहना इस बात का संकेत माना जाता है कि आपकी किडनी ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या डायबिटीज की समस्याओं में किडनी फेलियर का खतरा अधिक होता है। डॉक्टर्स कहते हैं, जब आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही होती है, तो शरीर में तरल और अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लग जाते हैं, जिससे तंत्रिकाओं में क्षति हो सकती है। किडनी फेलियर के लक्षण में पैरों में झुनझुनी या सुन्न होने की दिक्कत अधिक देखी जाती है।
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आर्थराइटिस की समस्या की पहचान - फोटो : istock
रूमेटाइड अर्थराइटिस

रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या भी हाथों-पैरों में  झुनझुनी या सुन्न होने का कारण बन सकती है। यह एक ऑटोइम्यून विकार है जो जोड़ों में सूजन और दर्द का कारण बनती है। इस स्थिति में अक्सर कलाई और हाथों में दर्द होता रह सकता है। इस विकार में होने वाली सूजन के कारण नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे झुनझुनी-सुन्न होने की समस्या होती रह सकती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस के ऐसे लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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