दुनियाभर में दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। आपने भी कम उम्र में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से मौत की खबरें जरूर सुनी होंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या, खान-पान गड़बड़ होती जा रही है, इसका दिल की सेहत पर सीधा असर हो रहा है। यही कारण है कि भले ही आपमें अभी कोई दिक्कत न हो या फिर कोई लक्षण न दिख रहे हों, फिर भी नियमित रूप से सेहत की जांच कराते रहना चाहिए।
हार्ट हेल्थ के बारे में जानने के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट को सबसे आसान तरीका माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ व्यस्कों को हर 6 महीने में दिल की सेहत की जांच कराते रहना चाहिए। इससे कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स जैसी कई चीजों की स्थिति का पता चल जाता है।
लिपिड प्रोफाइल की रिपोर्ट हाथ में आते ही ज्यादातर लोगों का ध्यान सबसे पहले टोटल कोलेस्ट्रॉल पर जाता है। अगर यह 200 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है तो मान लेते हैं कि दिल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है। डॉक्टर कहते हैं, सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में देखकर खुश होने की जरूरत नही हैं, दिल की सेहत के बारे में जानने के लिए कई और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।