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Norovirus Alert: नोरोवायरस बढ़ा रहा है टेंशन, 10 प्वाइंट्स में इस संक्रामक रोग के बारे में जानिए सबकुछ

Sun, 10 May 2026 06:03 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Norovirus Infection Outbreak 2026: नोरोवायरस खासतौर पर पेट और आंतों को प्रभावित करता है। संक्रमित व्यक्ति को अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से समझ लेते हैं।
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नोरोवायरस का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप में हाल ही में फैले नोरोवायरस की घटना ने संक्रामक रोगों के खतरे को लेकर एक बार फिर से लोगों को अलर्ट कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रिंसेस क्रूज के शिप 'कैरिबियन प्रिंसेस' के अधिकारियों ने 7 मई को 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (सीडीसी) को इस बीमारी के फैलने की जानकारी दी। अब तक लगभग 102 यात्रियों और 13 क्रू सदस्यों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।

पेट और आंतों को प्रभावित करने वाली ये बीमारी कई बार गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकती है, जिसे लेकर सभी लोगों को सावधान किया जा रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियों के मुताबिक यह वायरस बेहद तेजी से फैलता है। स्कूल, अस्पतालों, क्रूज शिप, होटल, रेस्टोरेंट और भीड़भाड़ वाली जगहों पर इसका खतरा ज्यादा रहता है।

नोरोवायरस को मेडिकल रिपोर्ट्स में काफी संक्रामक बताया जाता रहा है। ये तेजी से फैलता है और लोगों को बीमार कर सकता है। आइए इस संक्रामक बीमारी के बारे में कुछ जरूरी बातें जान लेते हैं।
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नोरोवायरस संक्रमण का खतरा - फोटो : Freepik.com
नोरोवायरस दुनियाभर में एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मुख्य कारणों में से एक है। इससे संक्रमण की स्थिति में अचानक उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और जी मिचलाने जैसी दिक्कतें होती हैं। यह वायरस भीड़-भाड़ वाली और बंद जगहों में तेजी से फैलता है। दूषित सतहों पर भी ये वायरस कई दिनों तक जिंदा रह सकता है जहां से इसके संक्रमण का खतरा और भी तेजी से बढ़ जाता है। 

आइए 10 प्वाइंट्स में इस संक्रामक रोग के बारे में सबकुछ विस्तार से जान लेते हैं।

1. नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो पेट और आंतों में संक्रमण पैदा करता है। यह वायरस किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। भोजन से फैलने वाली बीमारियों के प्रमुख कारणों में नोरोवायरस भी शामिल है। 
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नोरोवायरस संक्रमण के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : adobe stock images
2. यह वायरस पेट और आंतों की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। अधिकांश लोग 1-3 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों में स्थिति गंभीर हो सकती है।


3. नोरोवायरस मुख्य रूप से संक्रमित भोजन और पानी के जरिए फैलता है। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति खाना बनाते समय हाथ ठीक से नहीं धोता, तो वायरस भोजन में पहुंच सकता है। इसके अलावा दूषित पानी, बर्फ, सलाद, सीफूड और कच्चे खाद्य पदार्थ भी संक्रमण फैला सकते हैं।


4. नोरोवायरस संक्रमण के कारण उल्टी होने, पानी जैसे दस्त, पेट दर्द और मतली जैसे लक्षण हो सकते हैं। कई मरीजों को बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों में यह स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है क्योंकि उनके शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है। 

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नोरोवायरस के कारण पेट की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
5. क्रूज शिप, हॉस्टल, स्कूल  जैसी जगहों पर आउटब्रेक का खतरा अधिक रहता है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और संक्रमण के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


6. नोरोवायरस के लिए फिलहाल कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इसका इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को नियंत्रित करने और शरीर में पानी की कमी दूर करने पर आधारित होता है। मरीज को अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लेने की सलाह दी जाती है।


7. डॉक्टरों के अनुसार एंटीबायोटिक दवाएं नोरोवायरस पर असर नहीं करतीं क्योंकि यह बैक्टीरियल नहीं बल्कि वायरल संक्रमण है। यदि मरीज को लगातार उल्टी या गंभीर डिहाइड्रेशन हो तो अस्पताल में आईवी फ्लूड देने की जरूरत पड़ सकती है।
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हाथों की साफ-सफाई का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
8. नोरोवायरस से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है। साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को अच्छे से धोना जरूरी है।


9. नोरोवायरस की संक्रामक क्षमता बेहद ज्यादा होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार बहुत कम मात्रा में वायरस भी संक्रमण फैला सकता है। यही वजह है कि एक संक्रमित व्यक्ति पूरे परिवार या संस्थान में बीमारी फैला सकता है। दरवाजों के हैंडल, टेबल, मोबाइल फोन और टॉयलेट जैसी जगहों पर भी वायरस मौजूद रह सकता है। 


10. अधिकांश मामलों में नोरोवायरस संक्रमण गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह खतरनाक साबित हो सकता है। इससे डिहाइड्रेशन होने का ज्यादा खतरा रहता है। लगातार उल्टी और दस्त के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से कम हो जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति गंभीर हो सकती है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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