पूरी दुनिया पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से कोरोना संक्रमण का कहर झेल रही है। पिछले एक दशक में देखे तो कोविड-19, विश्वभर के लिए सबसे घातक बीमारी बनकर सामने आया है। इसका अंदाजा इसी बात लगाया जा सकता है कि पिछले डेढ़ साल में कोरोना संक्रमण के कारण 48.07 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना से भी घातक संक्रमण के बारे में लोगों को आगाह किया है। संक्रामक रोग विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में कोरोना के साथ फ्लू का भी प्रकोप चल रहा है। फ्लू का संक्रमण कोरोना से ज्यादा घातक हो सकता है, इंसानों के लिए यह एक गंभीर और वास्तविक जोखिम का कारण बना हुआ है।
मिनेसोटा विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिजीज रिसर्च एंड पॉलिसी के निदेशक प्रोफेसर माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, वैश्विक इन्फ्लूएंजा का प्रकोप कोविड महामारी से कहीं अधिक घातक हो सकता है। मॉडल अध्ययनों से संकेत मिलते हैं कि फ्लू का संक्रमण अपने पहले छह महीने में ही 33 मिलियन (3.3 करोड़) से अधिक लोगों की मौत का कारण बन सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक लोगों को इन्फ्लूएंजा संक्रमण को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।