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जानना जरूरी: हम जो कुछ सोचते-महसूस करते हैं सब नर्वस सिस्टम की वजह से होता है, अगर इसमें कोई दिक्कत हो जाए तो?

Tue, 23 May 2023 11:28 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तंत्रिकाओं में होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
तंत्रिका तंत्र का हमारे शरीर की कार्यप्रणाली में विशेष स्थान है। हम जो कुछ भी सोचते हैं, महसूस करते हैं या फिर जो भी कार्य करते हैं वह तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होता है। यानी कि अगर इनमें किसी तरह की दिक्कत आ जाए तो पूरे शरीर की कार्यप्रणाली पर असर हो सकता है।

नर्वस सिस्टम हमारी इंद्रियों के माध्यम से जानकारी लेता है और पूरे शरीर में उन सूचनाओं को पहुंचाता है जैसे कि आपकी मांसपेशियों को कब हिलाना या आपको दर्द महसूस करना आदि। उदाहरण के लिए यदि आप किसी गर्म चीज को छूते हैं, तो तुरंत हाथ को वापस खींच लेते हैं, यह इसलिए होता है क्योंकि आपकी नसें, आपके मस्तिष्क को दर्द के संकेत भेज रही होती हैं। अगर तंत्रिकाओं में कोई दिक्कत हो जाए तो ये एहसास होने ही बंद हो सकते हैं जिसके कारण कई तरह की दिक्कतों का जोखिम हो सकता है।
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न्यूरोलॉजिकल रोग की दिक्कतें - फोटो : Pixabay
 नर्वस सिस्टम में होने वाली समस्याएं

न्यूरोलॉजिकल रोग ऐसी स्थितियां हैं जो आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं। आपके तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ वे सभी नसें शामिल हैं जो शरीर के बाकी हिस्सों में फैली होती हैं। ऐसी कई बीमारियां हैं जो आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें से ज्यादातर लाइफस्टाइल की गड़बड़ी के कारण होने वाली दिक्कतें हैं।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, 600 से अधिक बीमारियां हैं जो आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। इस प्रकार के रोगों को न्यूरोलॉजिक रोग कहा जाता है।
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नर्वस सिस्टम में होने वाली समस्याएं - फोटो : Pixabay
नर्वस सिस्टम में होने वाली दिक्कतें

आपके शरीर के किसी अन्य भाग की तरह ही नर्वस सिस्टम में भी दिक्कतें हो सकती है। जब कोई विकार इसे नुकसान पहुंचाता है, तो यह आपके मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और आपके शरीर के बीच संचार को प्रभावित कर सकती है। कई वजहों से आपके तंत्रिका तंत्र में दिक्कतें होने लगती हैं।
  • एन्सेफलाइटिस या पोलियो जैसे संक्रमण।
  • चोट, बेल्स पाल्सी या कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी शारीरिक समस्याएं।
  • पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस या अल्जाइमर रोग जैसी स्थितियां।
  • रक्त वाहिकाओं की समस्याएं, ब्लड क्लॉटिंग आदि।

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चक्कर आने या अस्थिरता की समस्या - फोटो : istock
नर्वस सिस्टम में दिक्कत हो जाए तो क्या होगा?

नर्वस सिस्टम में होने वाली समस्याएं कई अलग-अलग लक्षण पैदा कर सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि तंत्रिका तंत्र का कौन सा हिस्सा प्रभावित है। आपके चीजों के महसूस करने, दर्द के अनुभव में दिक्कत हो सकती है। 
  • झुनझुनी या कमजोरी। या हो सकता है कि शरीर का कोई हिस्सा काम करना ही बंद कर दे।
  • धुंधलापन, दृष्टि की समस्या या एक या दोनों आंखों से कम दिखाई देना।
  • बोलने में कठिनाई या भाषा को समझने में परेशानी।
  • अचानक, तेज सिरदर्द।
  • चक्कर आना या अस्थिरता महसूस करना। खड़े होने या चलने में कठिनाई महसूस होना।
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तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने वाले उपाय करें - फोटो : istock
तंत्रिका तंत्र को कैसे स्वस्थ रखें?

आपके शरीर के अन्य भागों की तरह, मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को भी आराम और विशेष देखभाल की आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप नींद पूरी करें। स्वस्थ-संतुलित आहार जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और तमाम प्रकार के विटामिन्स हों, उनका सेवन करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही शरीर को आराम भी दें। 
  • परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
  • मेडिटेशन करने को न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में काफी लाभकारी माना जाता है। 
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो छोड़ दें, इसके कारण भी दिक्कतें हो सकती हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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