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विशेषज्ञों की चेतावनी: तेजी से बढ़ रही हैं तंत्रिका तंत्र की समस्याएं, जानिए बचाव के लिए क्या करें?

Thu, 15 Sep 2022 07:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने वाले उपाय - फोटो : Pixabay
पिछले कुछ वर्षों में लोगों में तंत्रिकाओं से संबंधित समस्याएं काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। हमारा तंत्रिका तंत्र न्यूरॉन्स नामक विशेष कोशिकाओं का उपयोग करके पूरे शरीर में संकेत पहुंचाता है। ये विद्युत संकेत हमारे मस्तिष्क से त्वचा, अंगों, ग्रंथियों और मांसपेशियों तक जाते हैं। यही संदेश आपको अपने अंगों को हिलाने और दर्द जैसी संवेदनाओं को महसूस करने में मदद करते हैं। ऐसे में तंत्रिका तंत्र  में आने वाली समस्याओं के कारण मस्तिष्क का शरीर के अन्य अंगों से संपर्क कम हो जाता है जिसके कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। 

तंत्रिकाओं की समस्या जन्मजात या फिर चोट, विशेष रूप से सिर और रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं जैसे चिंता विकार, अवसाद या मनोविकृति के कारण भी तंत्रिकाओं की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड, आर्सेनिक या लेड जैसे विषाक्त पदार्थों के संपर्क रहने वालों में भी तंत्रिकाओं के विकार का जोखिम अधिक हो सकता है।

इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए जीवनशैली को ठीक रखने के साथ आहार पर विशेष ध्यान देते रहना आवश्यक हो जाता है। आइए जानते हैं कि तंत्रिकाओं को स्वस्थ और फिट रखने के लिए किन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है?
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योग से तंत्रिका रहती है मजबूत - फोटो : istock
व्यायाम को जरूर करें दिनचर्या में शामिल

तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकारों को दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। व्यायाम की आदत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के साथ तंत्रिका को भी स्वस्थ रखने में सहायक है। न्यूरोलॉजिस्ट का सुझाव है कि व्यायाम करने से तंत्रिका रिसेप्टर्स सक्रिय रहते हैं, इससे लकवा स्ट्रोक, मेमोरी लॉस जैसी समस्याओं से लड़ने में सहायता मिलती है। सभी उम्र के लोगों के लिए नियमित व्यायाम करना आवश्यक है।
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अच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए आवश्यक - फोटो : iStock
अच्छी नींद पर दें ध्यान

नींद आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप अच्छी नींद नहीं लेते हैं तो आपमें कई प्रकार की क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है।  नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों में सोचने, प्रतिक्रिया करने, सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती हैं। नींद, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को ठीक से काम करने में मदद करती है। ध्यान रखें नींद संबंधी विकार आपको मधुमेह, हार्ट फेलियर, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं के जोखिम में डाल सकते हैं।

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सूर्य की रोशनी शरीर के लिए आवश्यक - फोटो : iStock
धूप में जरूर जाएं

अध्ययनों से पता चला है कि सूर्य की रोशनी, शरीर के लिए बहुत आवश्यक होती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य को मजबूत करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। हर सुबह लगभग 10 मिनट के लिए सूर्य की रोशनी में वॉक करने की आदत आपके तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकती है। सूर्य की रोशनी के संपर्क में रहने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी प्राप्त होता है जोकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।
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स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन जरूर करें - फोटो : Istock
आहार को स्वस्थ रखने पर दें ध्यान

स्वस्थ आहार  न केवल आपके वजन को कंट्रोल में रखने में मददगार है साथ ही जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों को नियंत्रित करने में भी इससे मदद मिलती है। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए भी आहार का स्वस्थ रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। इसके लिए  चिया सीड्स, सैल्मन, फूलगोभी, स्प्राउट्स और कैनोला ऑयल जैसे खाद्य पदार्थ तंत्रिका संचरण में सुधार के लिए जाने जाते हैं। चॉकलेट, बादाम और ब्राउन राइस आदि के सेवन से आपके तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में लाभ मिल सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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