पिछले एक दशक में दुनियाभर में जिन बीमारियों के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिले हैं, हृदय रोग उनमें से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग (सीवीडी) विश्वस्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। साल 2019 में सीवीडी से अनुमानित 17.9 मिलियन लोगों की मृत्यु हो गई, जो कुल वैश्विक मौतों का 32 फीसदी है। इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं। सीवीडी से होने वाली मौतों के तीन चौथाई से अधिक मामले निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होते हैं। वैसे तो पहले हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी माना जाता था, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले देखने को मिले हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी को हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है, यह किसी को भी हो सकता है। पर क्या लिंग के आधार पर हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है? क्या पुरुषों की तुलना में महिलाएं हृदय रोग की अधिक शिकार होती हैं? आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं, इस बारे में अध्ययन क्या कहते हैं?