आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति भारत की सबसे पुरानी और प्रभावी चिकित्सा विधियों में से एक है। प्राचीन ऋषियों ने प्रकृति का अवलोकन करके जो ज्ञान अर्जित किया, वही आज आधुनिक शोधों में एक-एक करके साबित हो रहा है। समय के साथ मेडिकल साइंस ने भी कुछ बीमारियों में औषधियों से होने वाले स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी है। अध्ययनों से पता चलता है कि डायबिटीज से लेकर ब्लड प्रेशर, हृदय रोगों से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों के उपचार में भी कुछ औषधियों से विशेष लाभ पाया जा सकता है।
कई शोधों में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में ऐसे सक्रिय तत्व पाए गए हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि रोकने में भूमिका निभा सकते हैं। इसी क्रम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) राउरकेला के शोधकर्ताओं ने लॉन्ग पेपर (पिप्पली) में पाए जाने वाले एक नेचुरल कंपाउंड की पहचान की है, जो कोलन कैंसर कोशिकाओं को कम करने और इसके इलाज में विशेष भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि इस औषधि से कोलन कैंसर के जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।