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न्यूट्रिशन: हेल्दी डाइट के नाम पर इन बातों पर न करें आंख मूंदकर भरोसा, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Sat, 05 Sep 2026 06:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

न्यूट्रिशन को लेकर कई ऐसी धारणाएं हैं जिन्हें लोग बिना जांचे सच मान लेते हैं। कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह खराब मानना, हेल्दी फूड को बहुत ज्यादा खाना या सप्लीमेंट को भोजन का विकल्प समझना गलत हो सकता है। कहीं आप भी पोषण को लेकर अफवाहों को सच तो नहीं मान रहे?
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खानपान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को दिनभर अच्छे तरीके से काम करते रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जोकि हमें भोजन से प्राप्त होती है। यही कारण कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसा भोजन करने की सलाह देते हैं जो न सिर्फ शरीर को ताकत दे, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर हो।

आहार को लेकर अक्सर हमारे मन में कई सारे सवाल रहते हैं। सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए, कौन-सा फल कब खाना चाहिए, कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ देना चाहिए या रात में खाना खाने से मोटापा बढ़ेगा? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ आहार के चार आधार हैं- पर्याप्तता, संतुलन, सीमित मात्रा और विविधता। यानी सिर्फ एक चीज को डाइट में जोड़ लेना या किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह हटा देना स्वस्थ खानपान की गारंटी नहीं है।

एक और बड़ा भ्रम यह भी है कि जो चीज प्राकृतिक हैं, वह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित और फायदेमंद भी होगी। तो आइए जान लेते हैं कि हेल्दी डाइट के नाम पर कहीं हम भी तो ऐसी गलती नहीं कर रहे हैं जिससे फायदे की जगह नुकसान हो जाए?
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हेल्दी आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
शरीर के पोषण का रखें ध्यान

लोगों को सही खानपान और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छा स्वास्थ्य केवल भरपेट खाने से नहीं, बल्कि शरीर को नियमित रूप से सही पोषक तत्व जैसे विटामिन्स, प्रोटीन, खनिज मिलने से बनता है। 

हमारे समाज में खान-पान को लेकर कई सारे मिथ्स देखे जा रहे हैं जिनका ज्यादातर लोग आंख बंद करके पालन करते हैं, पर क्या वास्तव में इससे लाभ मिलता है? आइए ऐसे ही कुछ मिथ्स को जान लेते हैं।

मिथ: कार्बोहाइड्रेट का मतलब वजन बढ़ाने वाली चीज

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सेहत के लिए आवश्यक हैं, इसको पूरी तरह वजन बढ़ाने वाला पोषक तत्व मानना सही नहीं है। ये शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। समस्या कार्बोहाइड्रेट की मौजूदगी से ज्यादा उसके स्रोत से जुड़ी है।
 
  • साबुत अनाज, दालें, फल और सब्जियों से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट शरीर को स्वस्थ रखने और काम करने की ऊर्जा देते हैं वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड, मीठे खाद्य पदार्थों से मिलने वाला कार्बोहाइड्रेट लंबे समय में वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने वाला हो सकता है।
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नियमित रूप से फलों का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
मिथ: फल जितना ज्यादा खाएंगे, उतना ज्यादा फायदा

फलों को हेल्दी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में फलों के सेवन से भी नुकसान हो सकते हैं। 
 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के मुताबिक 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियों खानी चाहिए।
  • इससे अधिक मात्रा में कुछ फल वजन बढ़ने, शुगर और पाचन की दिक्कतें बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
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सप्लीमेंट लेते समय बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
मिथ: सप्लीमेंट्स से पूरी हो जाएगी पोषक तत्वों की कमी

जिस तरह से लोग अच्छी सेहत पाने के लिए खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस आदत को बहुत नुकसानदायक बताते हैं। 
 
  • सप्लीमेंट की जरूरत शरीर में पोषण तत्वों की कमी और डॉक्टर को जरूरत महसूस होने पर शुरू की जाती है।
  • खुद से ही कोई सप्लीमेंट शुरू कर देना कई बार फायदे से ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।
  • पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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