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National Dengue Day: विशेषज्ञों की चेतावनी-डेंगू के स्ट्रेन में हो रहा है बदलाव, इससे गंभीर रोगों का बढ़ा खतरा

Tue, 16 May 2023 12:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेशनल डेंगू डे 2023 - फोटो : istock
डेंगू बुखार, एडीज मच्छरों के कारण होने वाली समस्या है, जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। गंभीर स्थितियों में डेंगू जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू के जोखिमों और बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मच्छरों के काटने से होने वाला यह एक गंभीर रोग है, जिससे बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। 

इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने लोगों को अलर्ट किया है। टीम ने सचेत करते हुए बताया कि भारत में डेंगू के वायरस में कुछ परिवर्तन देखे जा रहे हैं, यह नाटकीय रूप से बदला है जिसके कारण इससे और गंभीर रोग विकसित होने का खतरा बढ़ गया है। वायरस में कुछ म्यूटेशन देखे गए हैं जो पहले की तुलना में गंभीर रोगों का जोखिम बढ़ाने वाले हो सकते हैं। चूंकि जून-अगस्त के महीने में देश में डेंगू के मरीज बढ़ते देखे जाते रहे हैं, ऐसे में हमें अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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डेंगू के वायरस में परिवर्तन - फोटो : pixabay
वायरस में देखा जा रहा है परिवर्तन

जर्नल पीएलओएस पैथोजेन्स में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि बीमारी पैदा करने वाला वायरस भारतीय उपमहाद्वीप में पिछले कुछ दशकों में नाटकीय रूप से विकसित हुआ है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसे (आईआईएससी) के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की  टीम ने आशंका जताई है कि डेंगू वायरस के कारण भारत में गंभीर रोगों के विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन की जरूरत है, जिससे इन नए स्ट्रेन के कारण होने वाले रोग की गंभीरता को कम किया जा सके।  
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डेंगू के कारण गंभीर रोगों का खतरा - फोटो : istock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

आईआईएससी में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग (सीई) के एसोसिएट प्रोफेसर राहुल रॉय कहते हैं, "अध्ययन में हम समझने की कोशिश कर रहे थे कि भारतीय में देखे जा रहे डेंगू के स्ट्रेन कितने अलग हैं, जिसमें हमने पाया कि डेंगू के मूल वैरिएंट से इसमें काफी अंतर है। पिछले कुछ वर्षों में इसमें तेजी से परिवर्तन हुआ है।

साल 2012 तक भारत में इसके मेन वैरिएंट के मामले अधिक थे, हालांकि इसके बाद से नए स्ट्रेन का जोखिम बढ़ता देखा जा रहा है जिसके कारण गंभीर रोगों के विकसित होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। हमें डेंगू से बचाव को लेकर और अधिक सतर्कता दिखाने की आवश्यकता है।

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डेंगू में तेज बुखार की समस्या - फोटो : istock
डेंगू के जोखिमों के बारे में जानिए

डेंगू का वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता हैं। ये मच्छर जीका, चिकनगुनिया और अन्य वायरस भी फैलाते हैं। डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक सक्रिय होते हैं। इसके काटने से तेज बुखार, शरीर-मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी-दस्त और कुछ गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग के कारण शौच के साथ खून आने की समस्या हो सकती है।

गंभीर रोग में ब्लड प्लेटलेट्स काफी तेजी से कम होने लगते हैं, जिनपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
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मच्छरों के काटने से करें बचाव - फोटो : istock
डेंगू से करें बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को डेंगू से बचाव के तरीकों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। चूंकि डेंगू का कोई विशिष्ट इलाज या टीकाकरण  नहीं है ऐसे में इससे बचाव के उपायों को ध्यान में रखना सभी के लिए जरूरी है। 
  • घरों में मच्छरों के पनपने को रोकें, पानी एकत्रित न होने दें। 
  • अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
  • मच्छरों के काटने से बचें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
  • घर के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव कराएं जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
  • अगर आपको डेंगू के लक्षण दिख रहे हैं तो तुंरत किसी डॉक्टर से संपर्क करें।


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स्रोत और संदर्भ
Evolutionary dynamics of dengue virus in India

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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