जीका बुखार और इससे बचाव के करें उपाय
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जीका वायरस का देखा जाता रहा है प्रकोप
जीका वायरस के प्रकोप की खबरें आप भी सुनते रहे होंगे। ये एडीज मच्छर से फैलता है। सामान्यत; इस रोग के कारण हल्का बुखार, आंखों में लालिमा (कंजक्टिवाइटिस), सिरदर्द, त्वचा पर लाल दाने और जोड़ों में दर्द की समस्या देखी जाती है।
हालांकि ये गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए खतरनाक हो सकता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती हैं कि अगर गर्भवती महिला को जीका वायरस हो जाए तो बच्चे में माइक्रोसिफली जैसी गंभीर स्थिति हो सकती है, जिसमें बच्चे का सिर और दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता।
जीका का भी कोई विशेष इलाज या वैक्सीन नहीं है। मरीज को सिर्फ लक्षणों को कम करने वाली दवाइयां, आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर बताते हैं, इन तीनों बीमारियों से बचाव ही एकमात्र कारगर तरीका है। इसके लिए मच्छरदानी का प्रयोग, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और घर के आसपास पानी जमा न होने देना सबसे जरूरी है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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