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Health Alert: मानसून का ये मौसम कई बीमारियों का घर, अपनाएं ये तीन उपाय ताकि पास न भटकें गंभीर बीमारियां

Tue, 05 Aug 2025 07:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जुलाई से अक्तूबर के महीने में दिल्ली-एनसीआर में मच्छर जनित रोगों के मामले बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर कुछ उपाय करते रहना चाहिए।
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मलेरिया-डेंगू का खतरा - फोटो : Freepik.com
मानसून का ये मौसम कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। मई-जून की भीषण गर्मी के बाद बारिश का ये समय सुकून देने वाला जरूर होता है पर ये अपने साथ कई प्रकार की बीमारियां भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में जलजमाव बढ़ जाता है जो मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देने में मदद करता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और आईसीएमआर जैसे संस्थानों की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग इन बीमारियों की चपेट में आते हैं। मगर अच्छी बात ये है कि थोड़ी सी जागरूकता और बचाव के उपाय अपनाकर हम इन बीमारियों को खुद से और अपनों से दूर रख सकते हैं।
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मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
मच्छर जनित रोगों का खतरा

साल 2023 के डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में हर साल 24 करोड़ से ज्यादा लोग मलेरिया से ग्रस्त होते हैं, जिनमें से 6 लाख से अधिक की मौत हो जाती है। डेंगू के मामले भारत में पिछले 5 वर्षों में दोगुने हो गए हैं।आईसीएमआर रिपोर्ट बताती है कि बारिश के बाद रुका हुआ पानी मच्छरों की सबसे उपयुक्त प्रजनन भूमि बनता है, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है।

जुलाई से अक्तूबर के महीने में दिल्ली-एनसीआर में मच्छर जनित रोगों के मामले बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर कुछ उपाय करते रहना चाहिए।
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मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
दिल्ली-एनसीआर में डेंगू का खतरा

दिल्ली में डेंगू को लेकर कोई हालिया डेटा रिपोर्ट साझा नहीं की गई है। 20 अप्रैल तक के डेटा पर गौर करें तो पता चलता है कि राजधानी दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के 118 मामले रिपोर्ट किए गए। फिलहाल ये मामले पिछले साल की तुलना में कम हैं, जब साल 2024 में इस समय तक 130 केस  सामने आए थे। साल 2023 और 2022 में क्रमशः 47 और 74 डेंगू के मामले सामने आए थे।
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डेंगू से बचाव के उपाय - फोटो : freepik.com
मच्छरों और इसके कारण होने वाले रोग से करें बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्थिर और साफ पानी डेंगू मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त होता है। इसके अलावा  प्लास्टिक के कंटेनर, एयर कूलर, फूलों के गमले, टायर और खाली पड़े किसी भी सामान जहां पानी जमा हो सकता है उनमें मच्छर पनप सकते हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए कूलर-गमलों का पानी बदलते रहें।

घरों के आसपास कहीं पानी जमा न होने दें। मच्छरों को भगाने के लिए दवाओं का छिड़काव कराएं। इसके अलावा मच्छर जनित बीमारियों से बचे रहने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।

घरों के भीतर भी करें मच्छर से बचाव

घरों के भीतर भी मच्छरों के काटने से बचने के लिए उपाय करना जरूरी है। इसके लिए मच्छर मारने वाले क्वाइल्स, स्प्रे आदि का सावधानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इनके इस्तेमाल के कुछ देर बाद तक कमरे में जाने से बचें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।

पूरी बाजू के कपड़े पहनें

मच्छर आमतौर पर खुली त्वचा पर काटते हैं। वहीं डेंगू के मच्छर दिन में ज्यादा काटते हैं। इसलिए इन दिनों में डेंगू से बचे रहने के लिए ऐसे कपड़े पहनें जो हाथ और पैरों को पूरी तरह से ढकते हों। इससे मच्छर के काटने की आशंका कम हो जाएगी। मच्छरों से बचाव के लिए त्वचा पर लगाने के लिए क्रीम का भी इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह पर किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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