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Covid-19: कोरोना की सबसे प्रभावी वैक्सीन बनाने का दावा, कंपनी ने कहा- ये टीके BA.4 और BA.5 वैरिएंट्स पर भी असरदार

Sat, 25 Jun 2022 04:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन वैरिएंट्स पर भी असरदार कोविड वैक्सीन - फोटो : Istock
वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी को दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक शोधकर्ता इस सवाल का जवाब नहीं ढूंढ पाए हैं कि- आखिर महामारी कब खत्म होगी?  इसका एक कारण यह भी है कि समय के साथ वायरस में म्यूटेशन होता रहा है जिससे नए-नए वैरिएंट्स सामने आते रहे हैं। डेल्टा, गामा से लेकर लैम्बडा और ओमिक्रॉन तक, अब तक कोरोना के कई वैरिएंट्स सामने आ चुके हैं। फिलहाल वैश्विक स्तर पर कोरोना के संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को प्रमुख कारक माना जा रहा है।

ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को अध्ययनों में वैज्ञानिक अति संक्रामक और वैक्सीन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने वाला मानते रहे हैं।

दुनियाभर में मौजूद कोविड-19 की वैक्सीन मुख्यरूप से कोरोना के मूल वैरिएंट को लक्षित करके बनाई गई थी, ऐसे में इन खतरनाक नए वैरिएंट्स पर वैक्सीन की प्रभाविकता भी बड़ा प्रश्न बना हुआ है। इस बीच अमेरिका की मॉडर्ना कंपनी की तरफ से दावा किया गया है कि उसकी अपडेटेड कोविड-19 वैक्सीन ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स के खिलाफ काफी प्रभावी साबित हुई है। कंपनी का कहना है कि यह लोगों को तेजी से फैलते इन वैरिएंट्स से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
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मॉडर्ना वैक्सीन का अपडेटेड वर्जन - फोटो : Istock
अति संक्रामक वैरिएंट्स पर भी असरदार

मॉडर्ना ने दावा किया कि उसके कोविड-19 वैक्सीन का अपडेटेड वर्जन ओमिक्रोन सब-वैरिएंट्स BA.4 और BA.5 के खिलाफ भी एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकती है। इन दोनों वैरिएंट्स को ओमिक्रॉन का सबसे संक्रामक रूप माना जा रहा। भारत में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के 10 फीसदी मामलों के लिए इसे ही जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके अलावा ओमिक्रॉन का BA.2 वैरिएंट भी काफी अधिक संक्रामकता दर वाला बताया जा रहा है, यह देश में 80 फीसदी से अधिक नए संक्रमण के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है।
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ओमाइक्रोन सबवेरिएंट पर भी असरदार नई वैक्सीन - फोटो : iStock
नैदानिक परीक्षण में दिखे अच्छे परिणाम

मॉडर्ना की तरफ से दावा किया गया है कि वैक्सीन अपडेशन में इसे एक ही शॉट में ओमिक्रोन सब-वैरिएंट और मूल कोरोनावायरस को लक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। टीके के अपडेटेड रूप को mRNA-1273.214 नाम दिया गया है। इसके प्रभावों को जानने के लिए किए गए  नवीनतम नैदानिक परीक्षण से पता चलता है कि यह पहले से टीकाकरण करा चुके या फिर संक्रमण के शिकार रह चुके लोगों में  BA.4 और BA.5 के खिलाफ एंटीबॉडी में लगभग पांच गुना तक की वृद्धि कर सकता है।

कंपनी का कहना है कि बूस्टर शॉट के तौर पर इसका इस्तेमाल महामारी को कंट्रोल करने में प्रभावी परिणाम दे सकता है।

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कोरोना के नए वैरिएंट्स के लिए वैक्सीन - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पॉल बर्टन कहते हैं, परीक्षण के परिणाम के आधार पर माना जा रहा है कि अपडेटेड टीके (mRNA-1273.214) से बना शरीर में प्रभाव लॉन्ग लास्टिंग हो सकता है। जिस तरह से कोरोना, विशेषकर ओमिक्रॉन के नए-नए सब-वैरिएंट्स देखने को मिल रहे हैं, यह टीका इस वायरस में आगे म्यूटेशन को भी रोकने में मदद कर सकता है। 

वहीं मॉडर्ना के अध्यक्ष स्टीफन होगे कहते हैं, इस बूस्टर को देकर आगामी ठंडक में बढ़ने वाले कोविड-19 के संक्रमण को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। 
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कोरोना वैक्सीन को लेकर अपडेट - फोटो : iStock
अगस्त में मिल सकता है बूस्टर शॉट

कंपनी द्वारा आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक मॉडर्ना अगस्त में बूस्टर शॉट की आपूर्ति शुरू कर सकती है। जारी सूचना में कहा गया है- हम उम्मीद करेंगे कि अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में अपडेटेड वैक्सीन की एक करोड़ से अधिक खुराकें उपलब्ध हो सकें, जो इस वायरस को सामान्यतौर पर मौसम में बदलाव के साथ बढ़ने से रोकने में मदद करेंगी। आने वाले हफ्तों में टीके की मंजूरी के लिए कंपनी,  नियामकों को आवेदन जमा करने की तैयारी कर रही है।
 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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