Premanand Maharaj on Mobile Addiction: आज के डिजिटल युग में मोबाइल की लत, विशेषकर घंटों तक 'रील्स' और 'शॉर्ट्स' देखने की बीमारी, युवाओं से लेकर बच्चों तक को अपनी चपेट में ले चुकी है। यह समस्या न केवल एकाग्रता कम कर रही है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित कर रही है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज ने इस आधुनिक लत से बचने और मन को शांत करने का एक बहुत ही सरल और आध्यात्मिक समाधान बताया है।
महाराज जी के अनुसार, जब हम अंतहीन स्क्रॉलिंग करते हैं, तो हमारा मस्तिष्क व्यर्थ की सूचनाओं से भर जाता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता और आत्म-नियंत्रण समाप्त होने लगता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि तकनीक का उपयोग केवल प्रगति के लिए होना चाहिए, न कि समय को नष्ट करने के लिए। मोबाइल के इस मायाजाल से बाहर निकलने के लिए उन्होंने अनुशासन के साथ-साथ 'नाम जप' की शक्ति को सबसे बड़ा हथियार बताया है, जो भटके हुए मन को फिर सही दिशा में लाने की क्षमता रखता है।