अध्ययन
- फोटो : adobe stock images
लिवर शरीर के करीब 500 जरूरी कार्यों में भूमिका निभाता है। यह रक्त का थक्का बनने को नियंत्रित करने, रक्त से बैक्टीरिया हटाने और दवाओं को संसाधित करने जैसे काम करता है। इनमें कई कार्य हेपेटोसाइट्स नामक विशेष लिवर कोशिकाएं करती हैं।
शोधकर्ताओं ने इन कोशिकाओं को अकेले इंजेक्ट करने के बजाय उनके लिए एक सहायक वातावरण तैयार किया।
- इसके लिए हेपेटोसाइट्स के साथ बेहद छोटे हाइड्रोजेल माइक्रोस्फीयर और फाइब्रोब्लास्ट नामक सहायक कोशिकाएं मिलाई गईं।
- माइक्रोस्फीयर कोशिकाओं को एक जगह संगठित रखने और आसपास की रक्त वाहिकाओं से जुड़ने में मदद करते हैं।
- इस मिश्रण को सिरिंज से शरीर में पहुंचाया जा सकता है।
- बाहर से दबाव पड़ने पर यह तरल की तरह व्यवहार करता है, जबकि शरीर में पहुंचने के बाद फिर स्थिर संरचना बना लेता है।
नई रक्त वाहिकाओं ने बचाया ऊतक
चूहों में मिश्रण को पेट के भीतर मौजूद वसायुक्त ऊतक में इंजेक्ट किया गया। वहां कोशिकाएं एक सघन संरचना में संगठित हुईं और धीरे-धीरे नई रक्त वाहिकाएं इस ऊतक में विकसित हो गईं। इन्हीं वाहिकाओं से ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलने के कारण लिवर कोशिकाएं जीवित और सक्रिय रहीं।
शोधकर्ताओं के अनुसार इन कोशिकाओं ने रक्त में ऐसे विशेष प्रोटीन भी छोड़े, जिन्हें सामान्य लिवर बनाता है। खास बात यह है कि मिनी लिवर को खराब लिवर के ठीक पास रखना जरूरी नहीं है। पर्याप्त जगह और रक्त आपूर्ति मिलने पर इन्हें शरीर के दूसरे हिस्सों में भी काम करने योग्य बनाया जा सकता है।
भविष्य में प्लीहा या किडनी के आसपास के हिस्सों में इन्हें स्थापित करने की संभावना है।