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डाइट: खाना तो रोज खाते हैं, फिर भी शरीर क्यों हो रहा कमजोर और बीमार? जानें कहां हो रही गलती

Mon, 07 Sep 2026 08:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कम उम्र में खराब खानपान से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं, थाली में साबुत अनाज, दालें, फल, सब्जियां और पर्याप्त प्रोटीन का संतुलन जरूरी है। ज्यादा नमक, चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को कम करना भी डाइट को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है। 
 
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डाइट की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपनी लाइफस्टाइल और खानपान को ठीक रखने की सलाह देते हैं। सिर्फ रोज अच्छी मील लेने कम मतलब ये नहीं है कि शरीर को इससे सभी जरूरी पोषक तत्व मिल रहे हैं। हेल्दी डाइट के नाम पर आपकी थाली पहले से ज्यादा भरी हुई है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह पहले से ज्यादा पौष्टिक भी हो। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डाइट को लेकर सबसे बड़ी गलती यह है कि हम पेट भरने को ही अच्छी डाइट समझ लेते हैं। सफेद चावल या मैदा से बनी चीजें भी पेट भर सकती हैं, लेकिन अगर डाइट में साबुत अनाज, दालें- सब्जियां, फल, नट्स और पर्याप्त प्रोटीन की कमी है तो ये आपको बीमार बना सकती है। 

इतना ही नहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर लोगों में जब बीमारियों के कारण की तलाश की जाती है तो थाली की गड़बड़ी सबसे पहले सामने आती है। कहीं आपकी थाली भी तो आपको बीमार नहीं कर रही है?
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side effects of eating samosa and kachori - फोटो : AI
सिर्फ पेट भरना नहीं, थाली को संतुलित करना जरूरी

आहार विशेषज्ञ डॉ पारुल शर्मा कहती हैं, डाइट को लेकर सबसे आम गलती थाली में एक ही तरह के भोजन की मात्रा ज्यादा रखना है। खाने में बहुत ज्यादा चावल या रोटी हमारा पेट तो भर देती है पर शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की इससे पूर्ति नहीं हो पाती है।
 
  • थाली में अगर  दाल, सब्जी या सलाद की मात्रा कम है, तो ये भोजन का संतुलन बिगड़ सकता है। 
  • स्वस्थ डाइट में साबुत अनाज के साथ दालें, सब्जियां, फल और जरूरत के अनुसार प्रोटीन वाली चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। 
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Adobe stock photos
इन गलतियों पर भी दें ध्यान

डाइटीशियम पारुल बताती हैं, हम रोज जाने-अनजाने कई ऐसी गलतियां करते रहते हैं जिनसे न सिर्फ हमारा खान-पान गड़बड़ हो जाता है बल्कि शरीर के लिए दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
 
  • पैकेट वाले और ज्यादा प्रोसेस की गई चीजों का ज्यादा सेवन आपका पेट तो भर देता है पर इससे कई गुना नुकसान हो सकते हैं। चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे पेय, पैकेज्ड स्नैक्स में नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा ज्यादा हो सकती है। डाइट में अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की मात्रा को सीमित करना जरूरी है।
 
  • थाली में अगर फल और सब्जियों को पर्याप्त मात्रा नहीं है तो इससे भी सेहत को नुकसान हो सकता है।10 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोज कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां खानी चाहिए। साथ ही रोज कम से कम 25 ग्राम प्राकृतिक डाइटरी फाइबर लेने की सलाह है। मौसमी फलों का रोजाना सेवन बहुत जरूरी है, इससे फाइबर के साथ कई जरूरी विटामिन्स की पूर्ति हो जाती है।
 
  • अक्सर लोग वजन को देखकर अपनी सेहत का अंदाजा लगा लेते हैं। आप बाहर से दुबला या सामान्य वजन वाले दिख सकते है, लेकिन साथ ही डाइट में फाइबर, प्रोटीन या जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है। इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए सिर्फ कम खाना नहीं, बल्कि सही खाना जरूरी है।
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ज्यादा नमक-चीनी के नुकसान - फोटो : Freepik.com
इन बातों का भी रखें ध्यान

आहार विशेषज्ञ कहती है, अच्छी सेहत के लिए थाली में अलग-अलग रंग और प्रकार की सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, नट्स और सीड्स को जरूर शामिल करें। फल और सब्जियां विटामिन, मिनरल, फाइबर जैसे पोषक तत्वों के स्रोत हैं।

हालांकि स्वस्थ भोजन का मतलब सिर्फ फल-सब्जियां खाना नहीं है। खाना बनाते समय तेल, नमक और चीनी की मात्रा भी महत्वपूर्ण है। चीनी को कुल कैलोरी का 10 फीसदी से कम रखने और नमक को रोज 5 ग्राम से कम रखने की सलाह देता है। ज्यादा नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाली डाइट लंबे समय में गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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