फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानना जरूरी: दिल की सेहत को लेकर ये बातें कर सकती हैं कन्फ्यूज, ऐसे रखिए हृदय को स्वस्थ

Sun, 05 Dec 2021 06:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हृदय को स्वस्थ कैसे रखें? - फोटो : pixabay
भावनाओं से कविताओं तक दिल के बारे में ढेर सारी बातें कही गई हैं। ये भी सच है कि भावनाओं का असर दिल की सेहत पर भी होता है, इसलिए ही कहा जाता है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए खुश रहना चाहिए। दिल की सेहत बहुत सारी चीजों पर निर्भर करती है, लेकिन अक्सर दिल को लेकर लोग अपने दिमाग में बहुत सारी गलतफहमियां पाल लेते हैं। ये गलतफहमियां दिल को हेल्दी बनाए रखने में तो समस्या खड़ी करती ही हैं इनकी वजह से दिमाग पर बेवजह का बोझ बढ़ता है।

हार्ट प्रॉब्लम्स की एक बड़ी वजह होती है इससे जुड़ी गलत धारणाएं या मिथक। आम लोगों के मन में सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कई तरह की चीजें घर कर जाती हैं और उन्हें ही सच समझकर दिल की सेहत को तक नजरअंदाज कर देते हैं। जरूरी यह है कि दिल की सेहत से जुड़ी सही जानकारी पर ध्यान दिया जाए और उसी के हिसाब से दिल का ख्याल भी रखा जाए। 
विज्ञापन

2 of 5
ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Pixabay
ब्लड प्रेशर की गोली तो कभी भी ली जा सकती है इससे दिल का क्या लेना-देना?

ऐसी सोच अक्सर लोगों में देखी जाती है। इसके चलते वे अपने मन से ही कभी गोली लेना शुरू कर देते हैं, कभी भी बंद। यही नहीं, कई लोग तो हफ्ते में एक बार या आधी गोली खाने जैसी तरकीबें भी अपनाने लगते हैं। यह समझना जरूरी है कि ब्लड प्रेशर की गोली अगर आपको डॉक्टर ने प्रिस्क्राइब की है तो उसका उनकी ही सलाह के अनुसार नियमित रूप से सेवन करना जरूरी होता है। यह गोली सीधी दिल की सेहत से जुड़ी होती है क्योंकि ये आपके ब्लड सर्क्युलेशन यानी रक्त संचरण को सुचारू बनाए रखती है और ह्रदय के काम में मदद करती है। याद रखिए कि हाई या लो दोनों ही तरह का ब्लड प्रेशर यदि नियंत्रण में नहीं किया जाए तो दिल की सेहत के लिए खतरा हो सकता है। 
विज्ञापन

3 of 5
हृदय का रखें ख्याल - फोटो : iStock
दवाइयां ले रहे हैं तो परहेज की क्या जरूरत?

दवाइयों को लेकर जो दूसरी गलती लोग आमतौर पर करते हैं वह है बेफिक्र होकर सारे परहेज छोड़ देना क्योंकि दवाई तो ले रहे हैं न! चाहे बीपी कंट्रोल करने के लिए हो या शुगर या कोलेस्ट्रॉल, अगर कोई दवाई आप नियमित ले रहे हैं तो इसका यह कतई मतलब नहीं कि आप मनचाहे तरीके से खान-पान या रूटीन को लागू कर सकते हैं। संतुलित भोजन और नियमित रूटीन हमेशा फायदा देता है और इसे दवाइयों के साथ भी अपनाना जरूरी है। दवाइयां लेने के बावजूद अगर आप आहार का ध्यान नहीं रखते हैं तो इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

4 of 5
बाई पास सर्जरी के बाद हृदय का ख्याल - फोटो : Pixabay
बायपास सर्जरी के बाद नॉर्मल लाइफ नहीं जिया जा सकता

चाहे आपको हार्ट अटैक आया हो, एंजियोप्लास्टी हुई हो या आप ह्रदय की किसी भी अन्य तकलीफ से गुजरे हों, अगर आप इलाज से रिकवर करते हैं, सही दवाइयां, खान-पान और रूटीन रखते हैं तो आसानी से सामान्य जीवन जी सकते हैं।  डॉक्टर की सलाह से हलके-फुल्के व्यायाम करें, अपने खान पान को संतुलित रखें और सही रूटीन फॉलो करें। इससे आपको रिकवरी में भी काफी मदद मिलेगी। सर्जरी के बाद भी सामान्य जीवन जिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पौष्टिक आहार का सेवन आवश्यक - फोटो : iStock
हृदय रोगी सामान्य भोजन नहीं कर सकते, फैट का सेवन तो बिल्कुल नहीं।

ह्रदय रोग या उसकी रिस्क पर रहने वालों के लिए परहेज जरूरी है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे सामान्य भोजन नहीं कर सकते। डॉक्टर की सलाह से आप अपने लिए एक बैलेंस और सामान्य डाइट प्लान चुन सकते हैं। इसके अलावा कई लोग यह भी मानते हैं कि खाने में फैट्स का मतलब हृदय रोगों को बुलावा देना है और वे फैट्स को पूरी तरह छोड़ देते हैं। जबकि वेजिटेबल ऑइल या अन्य साधनों में मौजूद अनसैचुरेटेड फैट्स फायदेमंद भी हो सकते हैं। ओमेगा थ्री फैटी एसिड तो हृदय रोग की आशंका को घटा तक सकता है। इसलिए फैट से डरें नहीं, सही मात्रा में फैट्स का सेवन करें।


----------------
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें