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हेल्थ अलर्ट: बार-बार माइग्रेन अटैक के पीछे हो सकते हैं ये ट्रिगर, जानिए इस भयानक सिरदर्द से कैसे बचें

Fri, 16 Oct 2026 11:53 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Migraine Attack: माइग्रेन एक ऐसा सिरदर्द है जिसमें तेज दर्द, मतली और रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है। शांत कमरे में आराम, ठंडी पट्टी, नियमित नींद और ट्रिगर से बचाव इसमें मददगार हो सकते हैं। बार-बार माइग्रेन अटैक आने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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माइग्रेन की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी अक्सर सिर में तेज दर्द रहता है, अक्सर ये दर्द सिर के एक तरफ ज्यादा होता है? इस तरह की समस्या बार-बार होती रहती है तो आपको समय रहते सावधान हो जाना चाहिए। दर्द के साथ अगर मितली-उल्टी की भी दिक्कत होती रहती है और रोशनी-आवाज के कारण समस्या और बढ़ जाती है तो ये माइग्रेन की ओर इशारा हो सकता है, जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।

माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से अलग होता है। इसमें सिर के एक या दोनों तरफ तेज दर्द हो सकता है। कई लोगों को दर्द के साथ मतली, उल्टी, रोशनी और तेज आवाज से परेशानी भी होती है। माइग्रेन का एक अटैक आमतौर पर 4 से 72 घंटे तक रह सकता है। इस दौरान रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, माइग्रेन कई कारणों से आपको परेशान कर सकता है इसलिए इसके जोखिम कारकों को ध्यान में रखते हुए बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।
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माइग्रेन के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
तेज रोशनी और दूसरे ट्रिगर से बचें

माइग्रेन के दौरान रोशनी से होने वाली परेशानी को फोटोफोबिया कहा जाता है। तेज धूप में बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना और स्क्रीन की चमक कम करना आराम देने में मदद कर सकता है। 
जरूरत के अनुसार कंप्यूटर में एंटी-ग्लेयर स्क्रीन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। 
 
  • अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज शुरू हो या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी या बुखार भी हो रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। 
  • माइग्रेन के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दर्द कम करने या अटैक रोकने वाली दवाएं दे सकते हैं।
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सिर में दर्द की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
शांत और अंधेरे कमरे में आराम करें
 
  • माइग्रेन के दौरान रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ऐसे में तेज रोशनी, टीवी और मोबाइल की आवाज से दूर शांत, अंधेरे कमरे में आराम करना मददगार हो सकता है। सिर या गर्दन पर कपड़े में लपेटकर ठंडी पट्टी रखने से भी कुछ लोगों को राहत मिलती है। अगर दर्द बार-बार होता है या रोजमर्रा के काम प्रभावित करता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सिर की मालिश करें
 
  • तनाव और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सिर, गर्दन और कंधों की हल्की मालिश से तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद मिल सकती है। 
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
नींद को लेकर न बरतें लापरवाही

नींद की कमी और सोने-जागने के समय में बार-बार बदलाव करने से भी माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। इसलिए रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की आदत  बनाएं। सोने से पहले मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल कम करें और कैफीन का सेवन शाम के बाद करने से बचें।
 
  • वयस्कों को आमतौर पर हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। दिन में छोटी झपकी भी कुछ लोगों को आराम दे सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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