नींद की समस्या
- फोटो : Freepik.com
नींद को लेकर न बरतें लापरवाही
नींद की कमी और सोने-जागने के समय में बार-बार बदलाव करने से भी माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। इसलिए रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं। सोने से पहले मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल कम करें और कैफीन का सेवन शाम के बाद करने से बचें।
- वयस्कों को आमतौर पर हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। दिन में छोटी झपकी भी कुछ लोगों को आराम दे सकती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।