शरीर में बढ़ता माइक्रोप्लास्टिक
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हर दिन शरीर में जा रहा है माइक्रोप्लास्टिक
रोजाना हमारे शरीर में अनजाने में ही सही, प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा होता जा रहा है।
वैज्ञानिकों ने पाया कि हर इंसान एक हफ्ते में लगभग 5 ग्राम तक माइक्रोप्लास्टिक निगल रहा है। ये छोटे-छोटे माइक्रोप्लास्टिक के कण हमारी हवा, पानी, खाने और यहां तक कि नमक में भी मिल चुके हैं।
वैज्ञानिकों ने हाल ही में चेतावनी दी है कि माइक्रोप्लास्टिक केवल पर्यावरण और जलवायु को ही नहीं, बल्कि हड्डियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। खून, दिमाग, प्लेसेंटा और यहां तक कि हड्डियों में भी इन कणों की मौजूदगी साबित हो चुकी है। नए शोध से खुलासा हुआ है कि माइक्रोप्लास्टिक अस्थि कोशिकाओं को कमजोर करते हैं, सूजन बढ़ाते हैं और हड्डियों के विकास को रोक सकते हैं।