साल 2019 के आखिरी के दिनों में वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी, जिसका स्वास्थ्य पर गंभीर असर देखा गया। भले ही अब हालात सामान्य हैं और लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के आराम से जी रहे हैं, लेकिन सच यह है कि कोरोना का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कई लोगों को लंबे समय तक इसकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इस स्थिति को लॉन्ग कोविड कहा जाता है। कई अध्ययन बताते हैं कि लॉन्ग या पोस्ट कोविड का असर संक्रमण से ठीक होने के कुछ महीनों से लेकर एक साल से अधिक समय तक भी रह सकता है।
चिंताजनक बात यह है कि ये समस्या सिर्फ उन लोगों में नहीं देखी जा रही जो गंभीर रूप से बीमार हुए थे, बल्कि हल्के संक्रमण वाले मरीजों में भी यह देखने को मिल रही है। लॉन्ग कोविड के सबसे आम परेशानियों में थकान, सांस लेने में तकलीफ, दिमागी धुंधलापन, याददाश्त की समस्या, नींद की गड़बड़ी और सीने में दर्द जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। कई शोधों में यह भी पाया गया है कि लॉन्ग कोविड का असर दिल, फेफड़ों और यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है।
इसी से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने एक और लॉन्ग कोविड के बारे में खुलासा किया है जिसका महिलाओं की सेहत पर गंभीर असर हो सकता है।