डॉक्टरी मदद औऱ सलाह जरूरी
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क्यों होती है ये दिक्कत?
विशेषज्ञ कहते हैं, ये स्पष्ट नहीं है होर्डिंग डिसऑर्डर होता क्यों है? हालांकि कुछ मामलों में इसे जेनेटिक, ब्रेन फंक्शन या स्ट्रेसफुल जिंदगी के कारण होने वाली समस्या माना जाता है।
- होर्डिंग डिसऑर्डर की दिक्कत आमतौर पर 15 से 19 साल की उम्र के बीच शुरू होती है और उम्र के साथ यह बढ़ती जाती है।
- अधिक उम्र वालों में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है।
- जिन लोगों में ये डिसऑर्डर होता है उनमें से कई लोगों को आसानी से फैसले लेने में दिक्कत होती है।
- जिंदगी की कोई स्ट्रेसफुल घटनाएं जैसे किसी अपने की मौत का सदमा, तलाक या दिमाग पर असर करने वाली समस्याओं के कारण भी ये दिक्कत हो सकती है।
इस डिसऑर्डर को ठीक कैसे किया जाता है?
होर्डिंग डिसऑर्डर के बारे में लोगों को जानकारी कम है। कुछ लोग अपनी जिंदगी पर होर्डिंग के बुरे असर को नहीं पहचान पाते या उन्हें नहीं लगता कि उन्हें इलाज की जरूरत है। हालांकि अगर इसकी वजह से परिवार के दूसरे लोगों को मुश्किलें होने लगें तो ये समस्या गंभीर हो सकती है। ऐसे लोगों को मनोचिकित्सक के सलाह की जरूरत हो सकती है।
कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) के साथ कुछ तरह की दवाओं की मदद से लक्षणों को ठीक करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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