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अलर्ट: दिमाग की थकान का शरीर पर भी पड़ता है असर, ये लक्षण बताते हैं सबकुछ ठीक नहीं

Sat, 26 Sep 2026 08:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मानसिक थकान का असर केवल सोचने और ध्यान लगाने की क्षमता पर नहीं पड़ता। लगातार तनाव के कारण नींद खराब होने, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
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दिमागी थकान की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप जानते हैं कि जिस तरह से लगातार काम और मेहनत के कारण हमारा शरीर थक जाता है, उसी तरह से हमारे दिमाग को भी थकान महसूस होती है। आमतौर पर हम सभी शरीर की थकान और समस्याओं पर ध्यान दे लेते हैं पर दिमाग की थकान को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। 

दिनभर काम, लगातार मोबाइल-लैपटॉप जैसे स्क्रीन को देखने, कई चीजों के बारे में एक साथ सोचना और पर्याप्त आराम न मिलने के कारण सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग भी थक जाता है। इसका असर आपके शरीर पर भी दिख सकता है। कई बार आपको लगता है कि आप आलसी हो गए हैं या थक गए हैं, लेकिन असल में लगातार मानसिक दबाव और नींद की कमी थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और नींद की परेशानी जैसी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं।  तनाव के दौरान शरीर लगातार सतर्क रहने की स्थिति में रहता है। 
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मानसिक थकान की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
मानसिक थकान की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक थकान का मतलब यह नहीं है कि दिमाग काम नहीं करना चाहता। इसका असर सोचने, ध्यान केंद्रित करने, चीजों को याद रखने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। अगर ऐसे संकेत लगातार बने रहें, तो इन्हें केवल तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि थकान के पीछे  नींद की कमी के अलावा दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
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गर्दन-कंधों में दर्द - फोटो : Freepik.com
सिरदर्द और गर्दन-कंधों में खिंचाव

जब दिमाग लंबे समय तक तनाव में रहता है तो इसका शरीर की मांसपेशियां पर भी असर हो सकता है। इसके कारण आपको गर्दन, कंधे और जबड़े की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है। आपको सिरदर्द या सिर भारी लगने की समस्या भी हो सकती है। लंबे समय तक तनाव रहने पर मांसपेशियों का लगातार तनाव गर्दन और पीठ के दर्द को बढ़ा सकता है।

मानसिक रूप से थकान के कारण आपको अच्छी नींद लेने में भी दिक्कत हो सकती है। लगातार सोचते रहने, चिंता और तनाव के कारण सोने में दिक्कत हो सकती है या रात में बार-बार नींद खुल सकती है। नींद की कमी आगे चलकर थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी को और बढ़ा सकती है।
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ब्रेन फॉग की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्रेन फॉग और चिड़चिड़ापन बढ़ने की दिक्कत

मानसिक थकान का एक आम संकेत यह हो सकता है कि आपका ध्यान जल्दी भटकने लगे। छोटी-छोटी बातें याद रखने में परेशानी हो सकती है,  किसी काम पर ध्यान केंद्रित कर पाना मुश्किल लगने लग जाता। इसे आम भाषा में ब्रेन फॉग कहा जाता है। 


मानसिक थकान को कम कैसे किया जाए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक थकान की दिक्कतों को कम करने के लिए अच्छी नींद, रोजाना शारीरिक व्यायाम, काम के बीच छोटे ब्रेक और तनाव को कंट्रोल करने के लिए योग-मेडिटेशन जैसे अभ्यास मददगार हो सकते हैं। 
 
  • अगर पर्याप्त आराम और नींद के बावजूद थकान लगातार बनी रहती है और काम करने की क्षमता कम हो रही है तो इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। लगातार थकान के पीछे मानसिक कारण के साथ शारीरिक बीमारी भी हो सकती है।
  • खास तौर पर अगर थकान के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित होने जैसी दिक्कतें हो तो इसे सामान्य थकान मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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