हृदय रोगों के बारे में कैसे पता लगाएं
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ट्रोपोनिन, सीटी और एंजियोग्राफी
अगर किसी मरीज में डॉक्टर को हार्ट अटैक का संदेह हो तो उसे ट्रोपोनिन टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। यहां समझना जरूरी है कि हार्ट जैसी स्थितियों में हार्ट की मांसपेशियों को होने वाले डैमेज के कारण खून में ट्रोपोनिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। डॉक्टर इसकी रिपोर्ट के साथ ईसीजी और मरीज के लक्षणों को देखकर पता लगाते हैं कि कहीं उसे हार्ट अटैक तो नहीं हुआ है?
- कोरोनरी सीटी एंजियोग्राफी से दिल की धमनियों की तस्वीर ली जाती है। इससे धमनियों में संकुचन या रुकावट का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
- कोरोनरी एंजियोग्राफी में विशेष डाई की मदद से धमनियों की स्थिति को देखा जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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