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Menopause: मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में होते हैं ये हार्मोनल बदलाव, ऐसे में क्या करना चाहिए?

Sun, 10 Aug 2025 02:41 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Menopause Hormonal Changes: 45 साल की उम्र को पार करने के बाद अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। यही वो उम्र होती है जब महिलाओं में मेनोपॉज की वजह से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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मेनोपॉज (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
Menopause in Women: मेनोपॉज, जिसे रजोनिवृत्ति भी कहते हैं, महिलाओं के जीवन का एक स्वाभाविक पड़ाव है। आमतौर पर यह 45 से 55 साल की उम्र के बीच होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई महत्वपूर्ण हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे कुछ शारीरिक और मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।

रजोनिवृत्ति सिर्फ पीरियड्स का रुकना नहीं है, बल्कि एक व्यापक प्रक्रिया है जो महिलाओं के स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। इस अवस्था में शरीर में होने वाले बदलावों को समझना और उनके अनुसार अपनी देखभाल करना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि मेनोपॉज के दौरान कौन से हार्मोनल बदलाव होते हैं और इस दौरान महिलाओं को क्या करना चाहिए?
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मेनोपॉज में हार्मोन बदलाव - फोटो : फ्री पिक
हार्मोन में बदलाव और उनके लक्षण
मेनोपॉज का मुख्य कारण दो महत्वपूर्ण हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन में कमी आना है। एस्ट्रोजन हार्मोन घटने से शरीर में कई बदलाव होते हैं। इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं-
  • शरीर में अचानक गर्मी लगना और पसीना आना, जो अक्सर रात में होता है।
  • हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण मन का मिजाज बार-बार बदलता है और चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
  • कई महिलाओं को सोने में परेशानी होती है या उनकी नींद बार-बार टूटती है।
  • ये लक्षण महिलाओं के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन इन्हें सही जानकारी और देखभाल से प्रबंधित किया जा सकता है।
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शारीरिक बदलाव - फोटो : Freepik.com
शारीरिक बदलाव
हार्मोन में बदलाव का असर सिर्फ बाहरी लक्षणों तक ही सीमित नहीं होता। एस्ट्रोजन की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का पतला होना) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, पेट के आसपास चर्बी बढ़ने और मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण वजन भी बढ़ सकता है।

हृदय रोग का जोखिम भी बढ़ जाता है, क्योंकि एस्ट्रोजन दिल की स्वास्थ्य को अच्छा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दौरान त्वचा रूखी होने लगती है और बाल पतले हो सकते हैं।

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जीवनशैली में बदलाव जरूरी - फोटो : freepik.com
जीवनशैली में ये बदलाव जरूरी
मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने और स्वस्थ रहने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे प्रभावी तरीका है। अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर चीजों को शामिल करें ताकि हड्डियों को मजबूती मिले। दूध, दही, पनीर, और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड (अखरोट, अलसी) और फाइबर युक्त भोजन भी फायदेमंद होता है। नियमित रूप से व्यायाम करें, जैसे टहलना, योग या हल्का स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, वजन को नियंत्रित रखने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
मानसिक और भावनात्मक देखभाल
इस दौरान भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। योग और ध्यान तनाव और मूड स्विंग्स को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। दोस्तों और परिवार के साथ खुलकर बात करना और अपनी भावनाओं को साझा करना भी फायदेमंद होता है। यदि लक्षण बहुत गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। मेनोपॉज जीवन का एक सामान्य हिस्सा है, और सही जानकारी व देखभाल से इसे आसानी से संभाला जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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