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जानना जरूरी: बिना वजह ही घटता जा रहा है वजन? ये कैंसर का संकेत है या फिर कोई और दिक्कत

Thu, 15 Oct 2026 10:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन घटना कैंसर समेत कई बीमारियों का संकेत हो सकता है। डायबिटीज, हाइपरथायरॉइडिज्म और टीबी में भी ये दिक्कत देखी जाती रही है। अगर वजन लगातार घट रहा है या साथ में थकान, बुखार और खांसी जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
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वजन कम होने की समस्या - फोटो : Freepik.com
अधिक वजन और मोटापा को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीर स्वास्थ्य स्थिति मानते हैं, ये डायबिटीज से लेकर हाई बीपी और हृदय रोगों तक कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को कम उम्र से ही वजन को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती है।

वजन कम होना आमतौर पर अच्छी सेहत और फिटनेस का संकेत माना जाता है, पर अगर बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के आपका वजन लगातार घट रहा है, तो इसपर भी ध्यान देना जरूरी है। कई बार शरीर में होने वाले बदलाव या किसी अंदरूनी बीमारी के कारण भी आपका वजन बिना कारण के कम हो सकता है।

अध्ययनों में वजन कम होने को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का भी संकेत माना गया है। इसलिए अगर आपका वजन भी बिना स्पष्ट कारणों के कम हो रहा है तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
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कैंसर का खतरा और वेट लॉस - फोटो : Adobe stock
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैंसर के मरीजों में भी बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन घटने की समस्या देखी जाती रही है हालांकि, हर बार वजन कम होने का मतलब कैंसर नहीं होता। डायबिटीज, थायरॉइड की गड़बड़ी और टीबी जैसी बीमारियों में भी वजन घट सकता है। इसके अलावा तनाव, भूख कम लगने और पाचन संबंधी समस्याएं भी वेट लॉस का कारण हो सकती हैं। 


पहले जानिए कैंसर में क्यों घटने लगता है वजन?

कैंसर होने पर शरीर के मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया में बदलाव आ जाता है। कुछ प्रकार के कैंसर में भूख भी कम हो जाती है, जबकि कुछ कैंसर पाचन तंत्र को प्रभावित करके भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषित को बाधित कर सकते हैं। यही कारण है मरीजों का वजन तेजी से कम होने लग जाता है।
 
  • बीमारी के कारण शरीर में सूजन से जुड़ी प्रक्रियाएं भी बढ़ जाती हैं, जिससे मांसपेशियों और फैट का नुकसान होने लगता है। 
  • फेफड़े, पेट, अग्न्याशय और आंतों के कुछ कैंसर में वजन कम होने को प्रमुख लक्षण माना जाता है।
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डायबिटीज में वेट लॉस की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज में भी घट सकता है वजन

डायबिटीज रोगियों में भी बिना कोशिश के वजन कम होने की दिक्कत देखी जाती रही है। जिन लोगों का ब्लड शुगर अक्सर हाई रहता है उनमें ये समस्या अधिक देखी जाती है।
 
  • हाई शुगर की स्थिति में शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं। शरीर ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए फैट और मांसपेशियों को तोड़ने लगता है। इसके कारण वजन घट सकता है। 

थायरॉइड में भी वेट लॉस की समस्या
 
  • थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो इस स्थिति को हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं। इसमें शरीर सामान्य से ज्यादा तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है, जिसके कारण पर्याप्त भोजन करने के बावजूद वजन घट सकता है।
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टीबी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/Ai
टीबी के मरीजों में वेट लॉस की समस्या

ट्यूबरकुलोसिस एक संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करती है। लंबे समय तक संक्रमण रहने से भूख कम हो सकती है और शरीर की ऊर्जा की जरूरत बढ़ सकती है। इसके कारण धीरे-धीरे वजन घटने लगता है।
 
  • टीबी के कारण लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आने, थकान और भूख कम लगने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अगर वजन घटने के साथ दो सप्ताह या उससे ज्यादा समय से खांसी बनी हुई है, तो डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर करा लें।

 डॉक्टर कहते हैं, अगर बिना कोशिश किए 6 से 12 महीनों में शरीर का 5 प्रतिशत से ज्यादा वजन घट जाए, तो ये चिंता वाले संकेत हैं। ऐसे लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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