वायु प्रदूषण की समस्या
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शरीर में जा रहे हैं खतरनाक तत्व
पीएम 2.5 प्रदूषण में हवा में तरल और ठोस पदार्थों के छोटे कण होते हैं जो सांस के माध्यम से फेफड़ों में चले जाते हैं। वाहनों के उत्सर्जन, धुआं, धूल, पराग आदि से इस प्रकार का खतरा अधिक होता है। विश्लेषण में पाया गया कि पीएम, वायु प्रदूषण के कारण होने वाली हृदय संबंधी बीमारियों में इजाफा हुआ है।
इसके अलावा, पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण का बढ़ता स्तर संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, सभी लोगों को इसके जोखिमों से बचाव करते रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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