फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत की बात: मीठा होने के बाद भी इन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, डायबिटीज रोगी कर सकते हैं सेवन

Sat, 06 Aug 2022 07:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डायबिटीज में कौन से फल खा सकते हैं? - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर मधुमेह रोग का खतरा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया गया है। डायबिटीज, खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने के कारण होने वाली समस्या है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर का बढ़ना और कम होना दोनों ही स्थितियां गंभीर समस्या का कारण बन सकती हैं, इसलिए इसे कंट्रोल में रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आहार में गड़बड़ी के कारण शुगर के लेवल में बढ़ोतरी आने का खतरा अधिक होता है, ऐसे में सभी लोगों को इस तरह के जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।

विशेषतौर पर जिन लोगों में डायबिटीज का निदान किया गया है उन्हें आहार का चयन बहुत सावधानी के साथ करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज रोगियों के लिए किसी भी आहार का चयन करते समय उसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसी के आधार पर जाना जाता है कि कोई भोजन हमारे ब्लड शुगर लेवल को कितनी जल्दी बढ़ाता है? आमतौर पर शुगर से पीड़ित रोगी मीठे फलों का सेवन करना चाहिए या नहीं, इसको लेकर काफी भ्रम की स्थिति में रहते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि कई फल मीठे होने के बावजूद ग्लाइसेमिक इंडेक्स में कम होते हैं। ऐसे में इनका संयमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। आइए ऐसे ही कुछ फलों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
डायबिटीज में फलों के सेवन को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : iStock
क्या कहते हैं  विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर मीठा फल शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ाता हो यह आवश्यक नहीं है। फलों के ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर बहुत कुछ निर्भर करता है। सामान्यतौर पर माना जाता है कि 55 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स रैंक वाले किसी भी चीज का सेवन मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि मधुमेह की स्थिति सभी लोगों में अलग-अलग हो सकती है, इसलिए सही आहार और फलों का चयन करने के लिए किसी विशेषज्ञ की सहायता जरूर ले लेनी चाहिए। 
विज्ञापन

3 of 5
अंगूर का कम होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स - फोटो : getty images
अंगूर के फायदे

अंगूर को कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर फल के रूप में जाना जाता है। पक जाने पर अंगूर स्वाद में मीठे हो जाते हैं ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज में अंगूर खाया जा सकता है? अध्ययनों से पता चलता है कि अंगूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 25-30 के बीच माना जाता है, ऐसे में इसके सेवन से डायबिटीज बढ़ने का जोखिम कम होता है। अंगूर विटामिन-सी  का अच्छा स्रोत हैं जो इसे शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद बनाते हैं।

4 of 5
apple सेब खाने के फायदे - फोटो : istock
डायबिटीज में सेब का सेवन

सेब, दुनियाभर में पसंदीदा फलों में से एक है। छिलके सहित सेब का सेवन करके दैनिक फाइबर की जरूरतों का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा सेब में कई प्रकार के विटामिन्स और खनिजों की मात्रा पाई जाती है जो इसे शरीर के लिए काफी फायदेमंद फलों में से एक बनाती है। सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 के करीब होता है ऐसे में इससे भी ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा कम होता है। डायबिटीज रोगी सेब का सेवन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आम खाने से क्या होता है? - फोटो : istock
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं आम?

डायबिटीज में आम खा सकते हैं या नहीं, यह सवाल सभी के मन में रहता है। आम स्वाद में मीठे होते हैं ऐसे में माना जाता है कि इनसे शुगर लेवल बढ़ने का खतरा अधिक होता है। पर ग्लाइसेमिक इडेक्स की बात करें तो आम की रैंकिंग 51 होती है जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयुक्त बनाती है। हालांकि मधुमेह में आम खाने को लेकर विशेषज्ञों के अलग-अलग मत हैं इसलिए डॉक्टर के सलाह के आधार पर ही इस फल का सेवन किया जाना चाहिए।


----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी फल को खाने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें