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एनोस्मिया: कोविड की तरह गंध न आने की दिक्कत अब भी कर रही है परेशान? आखिर क्या है इसकी वजह

Tue, 22 Sep 2026 10:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनोस्मिया में व्यक्ति की सूंघने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। कोविड-19 के दौरान कुछ लोगों में गंध और स्वाद की समस्या देखी गई थी। हालांकि साइनस, एलर्जी, नाक की रुकावट, चोट और दूसरी बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं। लंबे समय तक समस्या रहे तो जांच जरूरी है।
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गंध न आने की समस्या - फोटो : Amarujala.com
साल 2020-2023 तक दुनियाभर में कोरोना महामारी का व्यापक प्रकोप देखने को मिला। कोरोनावायरस (सार्स-सीओवी-2) लोगों के लिए बिल्कुल नया था, ऐसे में शुरुआत में इससे बचाव के लिए न तो कोई दवा मौजूद थी, न हो कोई वैक्सीन। इसके कारण पहली दो लहरों में बीमारी का व्यापक प्रकोप देखने को मिला। कोरोना के शिकार कई लोगों को सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्याओं के साथ स्वाद-गंध न आने की भी दिक्कत हो रही थी। इसे कोरोना वायरस का एक साइड-इफेक्ट माना गया था। 

पर क्या आप जानते हैं कि बिना कोरोना के संक्रमण के भी आपको स्वाद-गंध न आने की दिक्कत हो सकती है। मेडिकल की भाषा में आपको किसी भी चीज का गंध कम महसूस होने को हाइपोस्मिया, जबकि गंध पूरी तरह खत्म हो जाने की स्थिति को एनोस्मिया कहा जाता है। 

क्या आप भी इस तरह की दिक्कतों का अनुभव कर रहे हैं?
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किसी चीज की खुशबू न महसूस होना - फोटो : freepik.com
गंध महसूस न होने की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गंध न आने की वजह हमेशा कोविड नहीं होती। सर्दी-जुकाम, फ्लू, साइनस की समस्या, एलर्जी, नाक में पॉलीप यानी मांस जैसी बढ़ी हुई संरचना के कारण भी कई लोगों को गंध न आने की दिक्कत हो सकती है। कुछ स्थितियों में धूम्रपान, सिर पर चोट और कुछ दवाएं भी इसका कारण  बन सकती हैं। 

एनोस्मिया की समस्या चूंकि कोविड के दौरान बहुत ज्यादा देखी गई इसलिए अक्सर लोग गंध न आने को कोविड से जोड़कर देखते हैं। 
 
  • एनोस्मिया का मतलब है किसी भी गंध को महसूस करने की क्षमता का पूरी तरह खत्म हो जाना। कुछ लोगों में गंध पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि परिचित चीजों की खुशबू बदल जाती है या खराब लगने लगती है, जिसे पैरोस्मिया कहा जाता है।
  • कोविड-19 में स्वाद और गंध न महसूस होना आम लक्षण रहा था। कुछ लोगों में संक्रमण के बाद भी गंध या स्वाद में बदलाव लंबे समय तक बना रहा।

आइए जानते हैं कि अगर आपको इन दिनों भी एनोस्मिया की दिक्कत हो रही है तो इसके क्या कारण हो सकते हैं? 
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साइनस जैसी समस्याओं के कारण गंध न आना - फोटो : Freepik.com
एनोस्मिया की दिक्कत क्यों होती है?

गंध कम होने या पूरी तरह खत्म होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सर्दी-जुकाम, फ्लू, कोविड-19, साइनस संक्रमण और एलर्जी इसके आम कारणों में शामिल हैं। 
 
  • नाक में पॉलीप यानी अंदर बनी अतिरिक्त ऊतक जैसी संरचना भी हवा के रास्ते को प्रभावित कर सकती है और गंध महसूस करने में परेशानी पैदा कर सकती है।
  • इसके अलावा धूम्रपान, सिर पर चोट, कुछ दवाएं, हार्मोन से जुड़े बदलाव से भी गंध की क्षमता प्रभावित हो सकती है। 
  • अध्ययनों से पता चलता है कि उम्र बढ़ने के साथ भी गंध महसूस करने की क्षमता कम हो सकती है।
  • कुछ दुर्लभ मामलों में गंध की समस्या पार्किंसन या अल्जाइमर जैसी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती संकेत में भी देखी जाती रही है।

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भोजन के स्वाद की समस्या - फोटो : Freepik.com
सिर्फ गंध नहीं, खाने के स्वाद पर भी पड़ता है असर

कई मामलों में लोगों को लगता है कि उनकी जीभ स्वाद महसूस नहीं कर रही, जबकि असल समस्या गंध की क्षमता कम होने की हो सकती है। खाने के स्वाद को महसूस करने में भी गंध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब गंध महसूस नहीं होती तो खाना फीका या बेस्वाद लग सकता है।
 
  • एनोस्मिया का असर सिर्फ खाने के आनंद तक सीमित नहीं रहता। कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए खाने में ज्यादा नमक या दूसरी चीजें डालने लगते हैं। 
  • इससे हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी वाले लोगों के लिए समस्या बढ़ सकती है। 
  • कुछ लोगों में खाना कम अच्छा लगने के कारण भोजन की मात्रा कम हो सकती है और वजन घट सकता है, जबकि कुछ लोग ज्यादा खाने लगते हैं और वजन बढ़ सकता है।
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समय पर लें डॉक्टरी सलाह - फोटो : Adobe stock
एनोस्मिया में कौन से खतरे होते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, गंध हमारी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। गैस लीक होने, खाना खराब होने, धुआं या आग जैसी चीजों का पता कई बार गंध से चलता है। एनोस्मिया में आप इन खतरों को सूंघ नहीं पाते, जिससे हादसों का खतरा हो सकता है।
 
  • इसके अलावा लंबे समय तक गंध की समस्या रहने से भोजन की पसंद बदल सकती है और पोषण भी प्रभावित हो सकता है। 
  • कई बार ये समस्या साइनस, एलर्जी, नाक की रुकावट  या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी हो सकती है, इसलिए  समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और कारणों को समझना जरूरी है। 
  • अगर गंध कुछ हफ्तों में सामान्य नहीं होती तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें, जिससे असली कारणों का पता करके इलाज किया जा सके।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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