फैटी लिवर में विटामिन-बी3 के फायदे
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विटामिन बी-3 से फैटी लिवर में मिल सकता है आराम
फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने जीन-एडिटिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके चूहों में miR-93 का लेवल कम किया। नतीजे काफी अच्छे रहे, समय के साथचूहों के लिवर में फैट कम होता गया, इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हुई और लिवर की सेहत में सुधार आया। दूसरी ओर, miR-93 का लेवल ज्यादा होने पर स्थिति और भी खराब हो गई।
सबसे रोमांचक खोज तब सामने आई जब शोधकर्ताओं ने पहले से मौजूद 150 दवाओं का परीक्षण किया।
- उन्होंने पाया कि miR-93 का लेवल कम करने में विटामिन B3 (नियासिन) सबसे ज्यादा असरदार था।
- जिन चूहों को विटामिन बी-3 वाली चीजें या सप्लीमेंट्स दिए गए उनमें नियासिन ने SIRT1 की गतिविधि को फिर से बेहतर किया और लिवर में फैट के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाया।
- चूंकि विटामिन B3 का इस्तेमाल पहले से ही बड़े पैमाने पर होता है और इसे सुरक्षित माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फैटी लिवर वालों में विटामिन बी-3 वाली डाइट या जरूरत होने पर सप्लीमेंट्स देना इलाज का एक नया और किफायती विकल्प हो सकता है। हालांकि, फैटी लिवर की बीमारी के इलाज में इसकी प्रभाविकता को साबित करने के लिए अभी और अधिक अध्ययन की जरूरत है।
खुद से विटामिन बी-3 सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए। प्राकृतिक स्रोतों से ही इस विटामिन की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
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स्रोत:
Fatty liver breakthrough: A safe, cheap vitamin shows promise
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